उत्तर प्रदेश

‘वी विल डू इट’ के मंत्र के साथ पीएम मोदी ने दोहराया विकसित भारत 2047 का संकल्प

Kavita2
7 Oct 2026 5:12 PM IST
‘वी विल डू इट’ के मंत्र के साथ पीएम मोदी ने दोहराया विकसित भारत 2047 का संकल्प
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार को विकसित भारत 2047 के अपने विजन को फिर दोहराया। नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने इस बार केवल लक्ष्य की बात नहीं की, बल्कि उसे हासिल करने के तरीकों पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने युवाओं, विशेषकर जेन जी और नई पीढ़ी को केंद्र में रखते हुए “वी विल डू इट” का मंत्र दिया।

काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सभागार में गुजरात के वडनगर से पहुंचे करीब 500 सेवा यात्रियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम के दौरान सभागार में युवाओं का उत्साह दिखाई दिया। प्रधानमंत्री के “वी विल डू इट” के आह्वान के बाद मौजूद युवाओं ने “मोदी-मोदी” के नारे लगाए और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प दोहराया।

सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू किया गया था। भाजपा ने इस अभियान के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें युवाओं, लाभार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर जोर दिया गया। अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने को सेवा और विकास से जोड़कर प्रस्तुत करना भी रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार सरकार की कमान संभाली थी। इसके बाद वह लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हुए। इसी अवसर पर सेवा संकल्प अभियान और यात्राओं का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सेवा यात्रियों के कार्यक्रम को लेकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में विशेष व्यवस्था की गई थी। गुजरात के वडनगर से वाराणसी पहुंचने वाले करीब 500 बाइक सवारों को विश्वविद्यालय में एकत्रित किया गया। इसके बाद उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होना था।

‘जन्मभूमि से कर्मभूमि’ के रूप में प्रचारित यह यात्रा वडनगर से शुरू होकर वाराणसी पहुंची। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि और उनकी लोकसभा कर्मभूमि को प्रतीकात्मक रूप से जोड़ने वाले कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। इसी तरह वाराणसी से वडनगर की दिशा में भी सेवा यात्रा का आयोजन हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 को केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से पूरा होने वाला राष्ट्रीय लक्ष्य बताया। इससे पहले सेवा यात्रियों से संवाद के दौरान भी उन्होंने कहा था कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी हो।

बुधवार के संबोधन में उनका खास जोर युवा पीढ़ी पर रहा। उन्होंने जेन जी और युवाओं को बदलाव के केंद्र में रखते हुए विश्वास और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया। “वी विल डू इट” का मंत्र इसी सोच को आगे बढ़ाने के रूप में सामने आया।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सभागार में बैठे युवाओं ने इस संदेश का उत्साह के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान कई बार तालियां बजीं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी युवाओं ने विकसित भारत का संकल्प दोहराया।

सेवा संकल्प अभियान के दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के प्रशासनिक सफर को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें सेवा यात्राएं, सार्वजनिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रम और युवाओं से संवाद शामिल रहे। देशभर में अलग-अलग स्थानों पर प्रार्थना, भाषण और मशाल यात्राओं के आयोजन भी किए गए।

वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम इस अभियान के प्रमुख समापन कार्यक्रमों में शामिल रहा। यहां वडनगर से आए सेवा यात्रियों ने यात्रा के अनुभव साझा किए और प्रधानमंत्री के संदेश को सुना।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल योजनाओं से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने युवाओं को देश के आने वाले वर्षों का सबसे महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उनका संदेश था कि नई पीढ़ी में आत्मविश्वास, तकनीकी क्षमता और नए विचारों के जरिए बदलाव लाने की ताकत है।

सेवा संकल्प अभियान में युवाओं की भागीदारी को इसी सोच से जोड़ा गया। भाजपा ने अभियान के दौरान युवाओं और पहली बार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो रहे लोगों तक पहुंचने की रणनीति भी अपनाई।

प्रधानमंत्री ने सेवा, सहभागिता और संकल्प को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह संकेत दिया कि अगले दो दशकों का समय भारत के लिए निर्णायक होगा और आज की युवा पीढ़ी ही 2047 के भारत का निर्माण करेगी।

काशी में मौजूद सेवा यात्रियों ने भी प्रधानमंत्री के इस संदेश को अपने अभियान के समापन का मुख्य मंत्र माना। सभागार में “वी विल डू इट” के साथ विकसित भारत का संकल्प दोहराया गया।

वडनगर से वाराणसी तक पहुंची सेवा यात्रा ने कई राज्यों से होकर अपना सफर पूरा किया। इसका उद्देश्य सेवा, विकास और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की यात्रा से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचाना था।

प्रधानमंत्री के 25 साल के शासन नेतृत्व के अवसर पर भाजपा ने इसे केवल राजनीतिक उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है।

वाराणसी में बुधवार का कार्यक्रम इसी क्रम का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में जुटे युवाओं और सेवा यात्रियों ने प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन सुनने के बाद विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर अपना संकल्प दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी के “वी विल डू इट” मंत्र ने कार्यक्रम को युवाओं से सीधे जोड़ दिया। उनका संदेश था कि लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन सामूहिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से इसे हासिल किया जा सकता है।

सेवा संकल्प अभियान के समापन के अवसर पर काशी में गूंजा यह संदेश अब भाजपा के विकसित भारत अभियान की अगली राजनीतिक और सामाजिक थीम के रूप में भी देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने साफ किया कि 2047 का विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए साझा राष्ट्रीय लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने युवाओं से आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने और सेवा की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।

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