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- प्रेम प्रसंग में पत्नी...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में गुमशुदगी का मामला हत्या के आरोप में बदल गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आया है कि 26 वर्षीय अंजलि सिंह की हत्या कथित तौर पर उसके पति उमेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेम प्रसंग के चलते की। आरोप है कि हत्या के बाद पति ने अपने परिजनों और कथित प्रेमिका की मदद से शव को इटौंजा क्षेत्र में एक पुल से गोमती नदी में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें। मामले में पुलिस ने आरोपी पति सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए पूरी साजिश के तहत सामान्य व्यवहार किया। आरोप है कि उसने अंजलि के मायके पक्ष के लोगों के साथ मिलकर उसकी तलाश करने का नाटक भी किया, ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह लगातार यह जताने की कोशिश करता रहा कि उसे भी पत्नी की गुमशुदगी की चिंता है और वह उसकी खोज में लगा हुआ है।
हालांकि, अंजलि के परिजनों को आरोपी के व्यवहार पर धीरे-धीरे संदेह होने लगा। परिवार के लोगों का कहना है कि जब उन्होंने उमेंद्र प्रताप सिंह के शरीर पर नाखूनों के ताजा निशान देखे तो उन्हें शक हुआ कि अंजलि ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया होगा। इसी आधार पर मायके पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए रहीमाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई और पति समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पति से गहन पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, सख्ती से पूछताछ किए जाने पर आरोपी कथित तौर पर टूट गया और उसने पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने यह भी बताया कि हत्या के बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से इटौंजा इलाके में स्थित पुल से गोमती नदी में फेंक दिया था, ताकि घटना के सबूत न मिल सकें।
पुलिस अब आरोपी के कथित बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। गोमती नदी में शव की तलाश के लिए संबंधित एजेंसियों की मदद ली जा रही है। साथ ही, घटनास्थल और आरोपी द्वारा बताए गए स्थानों से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित अपराध में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही और किसने आरोपी की मदद की।
प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को हत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि आरोपी का किसी अन्य महिला से संबंध था और पत्नी अंजलि इस रिश्ते में बाधा बन रही थी। इसी वजह से कथित तौर पर उसकी हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उन्होंने हत्या की योजना बनाने, शव को ठिकाने लगाने या साक्ष्य मिटाने में किसी प्रकार की सहायता की थी। यदि जांच में उनकी संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पड़ोसियों और परिचितों के अनुसार, बाहर से देखने पर परिवार सामान्य प्रतीत होता था, लेकिन इस तरह के गंभीर आरोप सामने आने के बाद लोग हैरान हैं। अंजलि के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मामले की गहराई से जांच नहीं होती तो सच्चाई सामने नहीं आ पाती।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। साथ ही, आरोपी के कथित स्वीकारोक्ति बयान की पुष्टि अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी की जाएगी, क्योंकि केवल पुलिस के समक्ष दिया गया बयान अपने आप में अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जाता।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शव की बरामदगी, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना और सभी आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करना है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद, अवैध संबंधों के आरोप और उनसे जुड़ी हिंसक घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





