उत्तर प्रदेश

UP चुनाव में कौन मारेगा बाजी बृजभूषण शरण सिंह ने बता दिया अपना आकलन

Ratna Netam
9 Aug 2026 4:27 PM IST
UP  चुनाव में कौन मारेगा बाजी बृजभूषण शरण सिंह ने बता दिया अपना आकलन
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी चुनाव को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस बार चुनाव में मुकाबला होगा और इसे एकतरफा नहीं माना जा सकता।
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बृजभूषण शरण सिंह से जब पूछा गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसकी सरकार बनने की संभावना है और क्या योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे या अखिलेश यादव सत्ता में वापसी कर सकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, **"इस बार लड़ाई है।"** जब उनसे दोबारा पूछा गया कि क्या भाजपा के लिए इस बार चुनाव एकतरफा नहीं होगा, तो उन्होंने फिर कहा कि मुकाबला है। एंकर की ओर से यह सवाल किए जाने पर कि आप तो भाजपा के नेता हैं, ऐसे में यह बात क्यों कह रहे हैं, बृजभूषण ने कहा, **"तो क्या हम झूठ बोलें क्या, इस बार लड़ाई है।"**
बृजभूषण सिंह के इस बयान को यूपी की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने भाजपा के भीतर से ही आगामी चुनाव को कड़ी चुनौती वाला बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की जीत के पीछे अलग राजनीतिक परिस्थितियां थीं। उनके मुताबिक राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और चुनाव में हर समय समीकरण एक जैसे नहीं रहते।
उन्होंने यह भी माना कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी रुझान यानी एंटी-इनकंबेंसी का असर देखने को मिल सकता है। बृजभूषण सिंह ने कहा कि सत्ता विरोधी लहर हमेशा रहती है और इस बार भी मुकाबला आसान नहीं होगा। उन्होंने साफ तौर पर आगामी चुनाव को टफ फाइट बताया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भाजपा को इस बार विपक्ष से पहले के मुकाबले अधिक कड़ी चुनौती मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी भाजपा सरकार को लगातार घेरते रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान सपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है। वहीं कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भी विपक्षी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्षी गठबंधन के बीच मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।
बृजभूषण सिंह ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस मुद्दे से विपक्ष को कुछ राजनीतिक सहानुभूति मिल सकती थी, लेकिन अब यह मामला चुनाव में बड़ा मुद्दा नहीं बन पाएगा। उनके मुताबिक आगामी चुनाव में जनता सरकार के कामकाज और मौजूदा मुद्दों के आधार पर अपना फैसला करेगी।
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा मामले पर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में साधु-संतों को लेकर जिस तरह की तस्वीर पेश की गई, वह उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी और अन्य लोग शामिल हैं, जबकि किसी पुजारी या साधु का नाम सामने नहीं आया है। हालांकि इस पूरे मामले में सामने आए आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों को जांच और कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
बृजभूषण सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा के लिए चुनाव का मुख्य मुद्दा मौजूदा सरकार का कामकाज होगा। उनके बयान से यह संकेत मिला कि पार्टी के भीतर भी आगामी चुनाव को लेकर जमीनी स्थिति और संभावित चुनौतियों को लेकर आकलन किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि भाजपा चुनाव हारेगी, बल्कि उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि इस बार मुकाबला कड़ा होगा।
यूपी में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की उम्मीद है। भाजपा जहां योगी सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएगी, वहीं विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी भावना जैसे मुद्दे उठा सकता है। ऐसे में बृजभूषण सिंह का यह कहना कि **"इस बार लड़ाई है"**, आने वाले चुनावी माहौल में भाजपा की रणनीति और विपक्ष की चुनौती को लेकर एक अहम राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
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