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मलेरिया से निपटने में डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाए गए स्पेसियल रेपेलेंट्स प्रभावी

UP उत्तर प्रदेश: हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि ‘स्थानिक विकर्षक’ (Spatial Repellents) नामक उपकरण मच्छरों के काटने से बचा सकते हैं और मलेरिया, डेंगू, पीत ज्वर, ज़ीका और वेस्ट नाइल जैसी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।ये उपकरण हवा में रसायन छोड़ते हैं, जिससे मच्छर इंसानों को काटने से बचते हैं। इन्हें ‘स्थानिक उत्सर्जक’ भी कहा जाता है और इनका आकार एक साधारण कागज की शीट जितना हो सकता है। इसे चलाने के लिए न बिजली की आवश्यकता होती है और न ही गर्म करने की जरूरत।
अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (यूसीएसएफ) के शोधकर्ताओं ने 25 सालों के आंकड़ों और लगभग 17 लाख मच्छरों पर रिसर्च की। निष्कर्ष में पाया गया कि यह उपकरण हर दो में से एक से अधिक मच्छरों के काटने से बचाव कर सकते हैं। अध्ययन ई-बायोमेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित हुआ। यूसीएसएफ में महामारी विज्ञान और जैव-सांख्यिकी की एसोसिएट प्रोफेसर इंग्रिड चेन ने बताया, “यह हल्का, किफायती और उपयोग में आसान है। यह हमारे मौजूदा बचाव तरीकों की कुछ कमियों को पूरा करता है और दुनिया के सभी हिस्सों में लोगों की जान बचाने में मदद कर सकता है।”
विशेष रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में यह उपकरण बेहद प्रभावी साबित हो सकता है। 2023 में मलेरिया से करीब 5.97 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चे थे। पारंपरिक बचाव साधनों जैसे कीटनाशक लगी मच्छरदानियां या कॉइल केवल घर के अंदर असर करती हैं, कम समय तक टिकती हैं और महंगी पड़ सकती हैं। नए स्थानिक विकर्षक इन्हीं कमियों को दूर करते हैं और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह तकनीक मच्छरों की विभिन्न प्रजातियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकती है, लेकिन इसके व्यापक उपयोग से मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।





