उत्तर प्रदेश

Parliament में सक्रिय रहे पश्चिम के सांसद, कई ने प्रदर्शन से जीता भरोसा

Ratna Netam
9 July 2026 6:10 PM IST
Parliament में सक्रिय रहे पश्चिम के सांसद, कई ने प्रदर्शन से जीता भरोसा
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Saharanpur सहारनपुर : 18वीं लोकसभा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई सांसदों ने अपने कामकाज और सक्रियता से मतदाताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। संसद के अब तक हुए आठ सत्रों में कई सांसदों ने नियमित उपस्थिति, सवाल पूछने और बहसों में भागीदारी के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि पहली बार चुनकर आए कई सांसदों ने भी अपने काम से प्रभाव छोड़ा है।

18वीं लोकसभा का गठन 19 अप्रैल 2024 से 1 जून 2024 तक सात चरणों में हुए चुनाव के बाद हुआ था। चुनाव परिणाम 4 जून 2024 को घोषित किए गए थे। लोकसभा का पहला सत्र 24 जून 2024 से 3 जुलाई 2024 तक आयोजित हुआ। अब तक सदन के आठ सत्र पूरे हो चुके हैं, जबकि नौवां सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित है।

लोकसभा के आठ सत्रों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 16 लोकसभा सीटों के सांसदों में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा की उपस्थिति शत-प्रतिशत रही है। दोनों सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं और अपनी नियमित मौजूदगी से उन्होंने खास छाप छोड़ी है।

इसके अलावा 99 प्रतिशत उपस्थिति वाले सांसदों में बिजनौर से निर्वाचित युवा रालोद सांसद चंदन चौहान, मुजफ्फरनगर से पहली बार चुने गए सपा सांसद हरेंद्र मलिक, बुलंदशहर से भाजपा सांसद डॉ. भोला सिंह, अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम और बरेली से पहली बार निर्वाचित भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार शामिल हैं।

संसद में सवाल पूछने के मामले में बुलंदशहर के सांसद डॉ. भोला सिंह सबसे आगे रहे। उन्होंने लोकसभा में कुल 197 सवाल पूछे। वहीं मेरठ से पहली बार निर्वाचित भाजपा सांसद और रामानंद सागर की रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अरुण कुमार गोविल ने भी अपनी सक्रियता दिखाई। उन्होंने सदन में 152 सवाल पूछकर क्षेत्रीय मुद्दों को उठाया।

अमरोहा से दूसरी बार निर्वाचित भाजपा सांसद कंवर सिंह तंवर ने 150 सवाल पूछे। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 109 सवाल पूछकर अपनी सक्रियता दिखाई। वहीं कैराना से पहली बार चुनी गई युवा सांसद इकरा हसन ने 123 सवाल पूछकर संसद में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। संभल के युवा सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी 101 सवाल पूछे।

बहसों में भागीदारी के मामले में भी कई सांसदों ने बेहतर प्रदर्शन किया। बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने 40 बहसों में हिस्सा लिया। वहीं नगीना लोकसभा सीट से निर्वाचित और सहारनपुर के छुटमलपुर निवासी सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सबसे अधिक बहसों में भाग लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। इकरा हसन ने 37, चंदन चौहान ने 35 और हरेंद्र मलिक ने 31 बहसों में हिस्सा लिया।

संसदीय कामकाज के इस प्रदर्शन ने कई सांसदों को जनता के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जो सांसद शुरुआती दौर में अपनी सक्रियता से प्रभाव छोड़ने में सफल रहे हैं, वे आगे भी इसी तरह जनता के मुद्दों को संसद में उठाते रहते हैं या नहीं।

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