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मेरठ: सावन की पहली ही मूसलाधार बारिश ने मेरठ नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था और नालों की सफाई के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के वार्ड 88 में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए। नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण पूरे इलाके में भारी जलभराव हो गया।
बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के साथ-साथ नालों का गंदा पानी रिहायशी इलाकों और लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
नालों की सफाई नहीं होने का आरोप
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जलभराव की समस्या हर साल बारिश के मौसम में सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता और इलाके में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने कई बार नगर निगम अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया है। लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हर बारिश में बिगड़ जाते हैं हालात
लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही क्षेत्र में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। प्रशासन की ओर से हर बार जल्द समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जब भी लोग अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं तो उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी के कारण लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़कें बनीं कीचड़ और गंदगी का अड्डा
बारिश के बाद क्षेत्र की सड़कों पर कीचड़ और गंदगी फैल गई है। जगह-जगह जमा पानी के कारण राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर जलभराव इतना ज्यादा हो गया कि लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से इलाके में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा
क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई कि गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलभराव की समस्या दूर की जाए और नालों की सफाई कराई जाए।
लोगों ने की स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बारिश के समय कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए नालों की नियमित सफाई, बेहतर जलनिकासी व्यवस्था और स्थायी योजना बनाने की जरूरत है।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि जल्द मौके पर निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाए, ताकि आने वाले दिनों में बारिश के दौरान लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल वार्ड 88 के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।





