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पीली नदी का बढ़ा जलस्तर रपटा पुल डूबा जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण

जौनपुर: बदलापुर क्षेत्र में सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद पीली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी में पानी बढ़ने से दुगौली कला-कस्तूरीपुर के बीच बना रपटा पुल एक बार फिर डूब गया। पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
बारिश के बाद पुल डूबने की यह स्थिति पहली बार नहीं आई है। इससे पहले शुक्रवार को भी बारिश के कारण पुल पर पानी भर गया था, हालांकि कुछ घंटों बाद जलस्तर कम होने से आवागमन सामान्य हो गया था। लेकिन सोमवार रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है।
पुल डूबने से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
पीली नदी पर बना यह रपटा पुल आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता है। पुल डूबने के कारण दुगौली कला, दुगौली खुर्द, तियरा, ठेगुआ, इनामीपुर, रामीपुर समेत करीब दर्जनभर गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता उनके रोजमर्रा के कामों के लिए बेहद जरूरी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और किसानों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
पुल पर पानी होने के बावजूद कई लोग मजबूरी में इसे पार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक रास्ता काफी लंबा है, जिसके कारण लोग जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
पानी के बहाव के बीच गुजर रहे लोग
रपटा पुल पर पानी का बहाव लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद कई लोग दोपहिया वाहन और पैदल इस रास्ते से गुजरते दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल पर पानी आने के बाद प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को रोकने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
ऐसे में किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
शुक्रवार के बाद फिर बनी स्थिति
ग्रामीणों के मुताबिक, शुक्रवार को भी बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था और रपटा पुल डूब गया था। हालांकि कुछ समय बाद पानी कम होने से पुल से आवागमन शुरू हो गया था।
लोगों को उम्मीद थी कि अब स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी में फिर उफान आ गया और पुल दोबारा जलमग्न हो गया।
लंबे समय से उठ रही स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद पुल डूब जाता है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए यहां ऊंचा पुल बनाया जाए, ताकि बारिश के दिनों में भी आवागमन बाधित न हो।
उनका कहना है कि रपटा पुल बारिश के मौसम में सुरक्षित नहीं रहता और कई बार लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।
किसानों और विद्यार्थियों को परेशानी
पुल डूबने का सबसे ज्यादा असर किसानों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य करने में किसानों को दिक्कत हो रही है।
वहीं, स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन की निगरानी जरूरी
बारिश के मौसम में नदी और नालों का जलस्तर बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पुल पर निगरानी रखनी चाहिए और लोगों को खतरे के समय पुल पार करने से रोकना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
जलस्तर घटने का इंतजार
फिलहाल ग्रामीण पीली नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है।
हर साल बारिश के दौरान सामने आने वाली इस समस्या ने एक बार फिर क्षेत्र में बेहतर पुल और स्थायी समाधान की जरूरत को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी राहत से काम नहीं चलेगा, बल्कि लंबे समय के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करनी होगी।





