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Water बचाने की पहल, बिजनौर में एक साथ 157 तालाबों पर काम शुरू

बिजनौर : जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित भारत जी-राम जी अभियान के तहत बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत जनपद में एक साथ 157 तालाबों के निर्माण और पुनरोद्धार कार्यों का शुभारंभ किया गया। प्रशासन का लक्ष्य वर्षा जल के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों को मजबूत करना है।
यह अभियान जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशन और मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में जल संरक्षण की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य योजना तैयार की गई है। अभियान के तहत जनपद में 500 से अधिक तालाबों को चिन्हित किया गया है, जिनका चरणबद्ध तरीके से निर्माण, गहरीकरण और पुनरोद्धार कराया जाएगा।
पहले चरण में 157 तालाबों पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के विभिन्न विकास खंडों में एक साथ तालाबों की खुदाई और सुधार कार्य प्रारंभ किए गए। इनमें अफजलगढ़, बूढ़नपुर स्योहारा, धामपुर, हल्दौर, जलीलपुर, किरतपुर, कोतवाली, मोहम्मदपुर देवमल, नजीबाबाद, नहटौर और नूरपुर समेत कई क्षेत्रों के तालाब शामिल हैं।
अभियान की शुरुआत के अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने विकास खंड हल्दौर की ग्राम पंचायत गोरखपुर टोपरी पहुंचकर तालाब पुनरोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। लगातार गिरते भूजल स्तर और जल संकट की चुनौतियों को देखते हुए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर इसे जन आंदोलन के रूप में अपनाएं।
उन्होंने कहा कि तालाबों के पुनरोद्धार से न केवल वर्षा जल का संचयन होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा तालाबों के विकसित होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को कई तरह के लाभ प्राप्त होंगे।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि तालाबों के निर्माण और पुनरोद्धार के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि निर्धारित समय में सभी परियोजनाएं पूरी हो सकें। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों से जिले में जल उपलब्धता बेहतर होगी और आने वाले समय में जल संकट की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब पारंपरिक रूप से जल संरक्षण के महत्वपूर्ण साधन रहे हैं। लेकिन समय के साथ कई तालाब अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपनी उपयोगिता खो चुके हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान पुराने जल स्रोतों को दोबारा जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विकसित भारत जी-राम जी अभियान के तहत शुरू किए गए इस जल संरक्षण अभियान से जिले के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाए और जल संरक्षण को लेकर जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।





