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उत्तर प्रदेश
KGMU में नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन पर सख्ती कार्रवाई की चेतावनी
Ratna Netam
29 Sept 2026 2:06 PM IST

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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने नर्सिंग छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को नर्सिंग छात्रों को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से रोकते हुए कहा कि छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों और मांगों की विस्तृत समीक्षा की जा चुकी है और आवश्यक कार्रवाई भी की गई है। इसके बावजूद कुछ छात्र दोबारा प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनधिकृत और अनुचित बताया है।
मामला वर्ष 2025 बैच के एक नर्सिंग छात्र की बुखार के कारण हुई मौत से जुड़ा है। इस घटना के बाद केजीएमयू के कुछ नर्सिंग छात्रों ने 21 और 22 सितंबर 2026 को परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों ने इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी विभिन्न मांगें और समस्याएं रखी थीं। इसके बाद कुलपति ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बैठक की और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बैठक के दौरान छात्रों की समस्याओं और मांगों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासन का कहना है कि समीक्षा के बाद जरूरी कदम भी उठाए गए। इसके साथ ही छात्रों की सुरक्षा, सुविधाओं और उनकी शिकायतों के समाधान को लेकर अलग से एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी भी जारी की गई है।
इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को सुबह आठ बजे से कुछ छात्र एक बार फिर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। विश्वविद्यालय ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छात्रों का दोबारा प्रदर्शन करना अनधिकृत और अनुचित है। प्रशासन की ओर से छात्रों के अभिभावकों को भी इस संबंध में जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
विश्वविद्यालय के बयान में कहा गया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कई छात्र अपनी निर्धारित शिक्षण और प्रशिक्षण गतिविधियों से भी अनुपस्थित रहे। केजीएमयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम में कक्षाओं के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लगातार अनुपस्थित रहने से छात्रों की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित कक्षाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया कि अनुपस्थिति का सीधा असर छात्रों की उपस्थिति और आंतरिक मूल्यांकन पर पड़ेगा।
केजीएमयू ने चेतावनी दी है कि कम उपस्थिति और प्रभावित आंतरिक मूल्यांकन के कारण छात्रों को आगे परीक्षाओं में बैठने की पात्रता से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर ध्यान देने की अपील की है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि छात्रों की मांगों को पहले ही सुना जा चुका है। कुलपति ने स्वयं छात्रों के साथ बैठक की और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े मामलों के लिए अलग एसओपी भी तैयार की गई, ताकि भविष्य में छात्रों को होने वाली परेशानियों का व्यवस्थित तरीके से समाधान किया जा सके।
नर्सिंग छात्र की मौत के बाद परिसर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। छात्रों ने 21 और 22 सितंबर को विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी थीं। इस दौरान छात्रों की ओर से सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। विश्वविद्यालय का दावा है कि इन सभी विषयों की गंभीरता से समीक्षा की गई और आवश्यक कार्रवाई की गई।
हालांकि प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन और एसओपी जारी किए जाने के बाद भी कुछ छात्रों ने 28 सितंबर को दोबारा प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी के बाद विश्वविद्यालय ने छात्रों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे अनधिकृत प्रदर्शन से दूर रहें और अपने नियमित शिक्षण तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हों।
केजीएमयू प्रशासन ने अभिभावकों को भी छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने को कहा है। विश्वविद्यालय ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्र अपनी निर्धारित कक्षाओं और प्रशिक्षण से अनुपस्थित पाए गए हैं। ऐसी स्थिति में उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड प्रभावित होगा।
नर्सिंग की पढ़ाई में सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विश्वविद्यालय के अनुसार, छात्रों के लिए नियमित उपस्थिति जरूरी है और निर्धारित प्रशिक्षण से लगातार दूरी बनाए रखने पर उनके आंतरिक मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर केवल शैक्षणिक नुकसान ही नहीं, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से कहा है कि वे किसी भी समस्या या मांग के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।
फिलहाल केजीएमयू में नर्सिंग छात्र की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उनकी मांगों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कक्षाओं और प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों की उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
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