उत्तर प्रदेश

वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ी: 2.95 करोड़ मतदाता चिन्हित, दोबारा होगी जांच—मुख्य निर्वाचन अधिकारी

SHIDDHANT
11 Dec 2025 10:34 PM IST
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ी: 2.95 करोड़ मतदाता चिन्हित, दोबारा होगी जांच—मुख्य निर्वाचन अधिकारी
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Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े एक बड़े और महत्वपूर्ण अपडेट में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब यह प्रक्रिया 26 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने मंगलवार को प्रेस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। रिनवा ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगभग 2 करोड़ 95 लाख मतदाताओं को चिन्हित किया गया है, जिनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नजर नहीं आ रहे हैं। यह आंकड़ा राज्य में मतदाता सूची प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि असली मतदाताओं के नाम किसी तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि के कारण लिस्ट से बाहर न हों।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आयोग ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि किसी वास्तविक मतदाता का वोट गलत तरीके से डिलीटेड, डुप्लिकेट या शिफ्टेड श्रेणी में न चला जाए। उन्होंने कहा: “हमने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुपरवाइजर्स को लगाकर इन चिन्हित नामों की दोबारा जांच की जाए, ताकि वास्तविक मतदाता किसी भी स्थिति में बाहर न रह जाए। रिनवा ने बताया कि पुनरीक्षण अवधि बढ़ने के साथ ही आयोग ने प्रदेश-भर में मतदाता मैपिंग (Voter Mapping) को भी मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक मतदाता को सही बूथ, सही सेक्शन और उसके वास्तविक पते के अनुसार जोड़ा जाए। गलत मैपिंग की वजह से हजारों मतदाता वोट डालने से वंचित हो जाते हैं, इसलिए इस बार आयोग इसे और अधिक सटीक बनाने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी कहा कि BLOs,
सुपरवाइजर्स
और जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चिह्नित 2.95 करोड़ नामों की डोर-टू-डोर जांच, दस्तावेज़ सत्यापन और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।

इस बीच, कई जिलों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम गायब होने की शिकायतें तेजी से सामने आ रही थीं। राजनीतिक दलों ने भी आयोग से अपील की थी कि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसी चिंता को देखते हुए आयोग ने SIR की डेडलाइन बढ़ाने का निर्णय लिया। रिनवा ने अपील की कि प्रदेश के सभी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट में अपना नाम अवश्य जांचें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत BLO या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें। आयोग के पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की भी सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि बढ़े हुए समय और सख्त मॉनिटरिंग के साथ इस बार मतदाता सूची पहले से अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी।
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