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अयोध्या में VIP दर्शन पास सिस्टम फेल, तीर्थ यात्री परेशान

अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई बदलाव किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल ही में हुए घटनाक्रम के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर मंथन जारी है। ट्रस्ट के महासचिव पद में बदलाव के बाद अब दान की गणना और सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ज्यादा निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन से जुड़ी कुछ व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या सुगम दर्शन पास और वीआईपी पास की व्यवस्था को लेकर सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, चंपत राय के इस्तीफे के बाद कृष्णमोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद दान राशि की गणना प्रक्रिया में भी कई बदलाव किए गए हैं। अब दान पेटियों और अन्य माध्यमों से आने वाले चढ़ावे की निगरानी को और मजबूत किया गया है। लेकिन दूसरी ओर श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं में अभी भी परेशानियां बनी हुई हैं।
राम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुगम दर्शन और वीआईपी पास की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर में प्रतिदिन करीब 1500 तक वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी किए जा सकते हैं, लेकिन वास्तविक रूप से इनका उपयोग दस प्रतिशत तक भी नहीं हो पा रहा है।
कई वीआईपी और विशेष श्रेणी के श्रद्धालु पास बनवाने के लिए कभी सुग्रीव किला स्थित तीर्थ यात्री सेवा केंद्र तो कभी रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पास व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर प्रशासन की ओर से बुजुर्ग श्रद्धालुओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों के लिए तत्काल पास की सुविधा जारी है। नियमों के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग श्रद्धालु और उनके साथ आने वाले एक अटेंडेंट का पास तत्काल काउंटर पर बनाया जाता है। इसके अलावा जिन माता-पिता के साथ गोद में छोटा बच्चा होता है, उनके लिए भी तत्काल पास की व्यवस्था है। यह सुविधा पहले की तरह संचालित हो रही है।
इसके अलावा ऑनलाइन पास की व्यवस्था भी उपलब्ध है। श्रद्धालु मंदिर की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पास बनवा सकते हैं। यह पास दर्शन की तारीख से करीब 15 दिन पहले वेबसाइट पर उपलब्ध होता है। श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन का समय चुन सकते हैं।
हालांकि, वीआईपी और सुगम दर्शन पास को लेकर आ रही दिक्कतों के कारण मंदिर प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखना मंदिर ट्रस्ट के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।
दान चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट ने वित्तीय व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई कदम उठाए हैं, लेकिन श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी जल्द सुधारने की जरूरत महसूस की जा रही है। मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि पास व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इसमें सुधार देखने को मिल सकता है।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग भगवान राम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में तकनीकी व्यवस्था, पास प्रणाली और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना अब मंदिर प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।





