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उत्तर प्रदेश
विनोद हत्याकांड ने पकड़ा तूल मंत्री बोले पूरी चौकी पर हो एक्शन
Ratna Netam
10 Sept 2026 7:21 PM IST

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गोंडा। परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन कारोबारी **विनोद कुमार साहनी (45)** पर हुए जानलेवा हमले के बाद गुरुवार को उनकी मौत हो गई। विनोद बुधवार रात दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और कथित तौर पर धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हालत नाजुक होने पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ले जाया गया, जहां गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष **डॉ. संजय निषाद** अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। संजय निषाद निषाद पार्टी के संस्थापक और प्रमुख नेता हैं तथा गोंडा के परसपुर क्षेत्र में पहले भी पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे विनोद
विनोद कुमार साहनी परसपुर थाना क्षेत्र के **रेक्सडिया गांव** के रहने वाले थे। वह बर्तन का कारोबार करते थे। परिवार के मुताबिक बुधवार रात करीब आठ बजे रोज की तरह दुकान बंद करने के बाद वह घर के लिए निकले थे।
आरोप है कि रास्ते में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और पांच से सात अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद विवाद बढ़ा और विनोद पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया।
अचानक हुए हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। वारदात के बाद आसपास के लोगों और परिजनों को घटना की जानकारी मिली। घायल कारोबारी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
उनकी हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया।
KGMU में चल रहा था इलाज
विनोद को लखनऊ के KGMU में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर लगातार उनका इलाज कर रहे थे, लेकिन हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार रात तक परिवार जिस व्यक्ति के ठीक होकर घर लौटने की उम्मीद कर रहा था, गुरुवार को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
घटना की जानकारी गांव और आसपास के क्षेत्र में पहुंचने के बाद लोगों में भी नाराजगी बढ़ गई।
हत्या के मामले में बदला घटनाक्रम
शुरुआत में मामला जानलेवा हमले का था, लेकिन विनोद की मौत के बाद प्रकरण और गंभीर हो गया है। अब पूरे मामले में हत्या से संबंधित धाराओं और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
परिवार की ओर से जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा पांच से सात अज्ञात लोगों की मौजूदगी का भी आरोप लगाया गया है।
हालांकि किसी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। फिलहाल नामजद और अज्ञात लोगों पर लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
संजय निषाद पहुंचे अस्पताल
विनोद कुमार साहनी की मौत की सूचना मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद भी सक्रिय हुए। वह अस्पताल पहुंचे और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
निषाद समाज से जुड़े मामलों में संजय निषाद लगातार मुखर रहे हैं। वह निषाद पार्टी के संस्थापक हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं।
विनोद की मौत के बाद उनके अस्पताल पहुंचने से यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है।
परिवार की मांग दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
विनोद के परिजनों के लिए सबसे बड़ा सवाल हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई का है। परिवार चाहता है कि वारदात में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाया जाए।
हमले में कई लोगों की भूमिका का आरोप होने के कारण मामले की जांच में घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मोबाइल लोकेशन, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे और दूसरे तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
वारदात से पहले किसी तरह का विवाद था या हमला अचानक किया गया, यह भी विस्तृत विवेचना से साफ होगा।
फिलहाल घटना के पीछे की पूरी वजह को लेकर आधिकारिक रूप से पुष्ट विवरण सामने आना बाकी है।
परसपुर में बढ़ा तनाव
कारोबारी पर बीच रास्ते हमला और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत की घटना से परसपुर क्षेत्र में आक्रोश स्वाभाविक रूप से बढ़ा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर रात करीब आठ बजे घर लौट रहे कारोबारी को हमलावरों ने किस वजह से निशाना बनाया।
घटना के बाद प्रशासन के सामने पहली चुनौती सभी आरोपियों तक पहुंचने और दूसरी चुनौती क्षेत्र में शांति बनाए रखने की है।
किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोकने के लिए प्रशासन को स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ानी पड़ सकती है।
मंत्री के पहुंचने से बढ़ा प्रशासन पर दबाव
संजय निषाद के अस्पताल पहुंचने और पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद मामले पर राजनीतिक नजर भी बढ़ गई है।
कैबिनेट मंत्री का सीधे पीड़ित परिवार तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब परिवार को भी उम्मीद है कि आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी।
संजय निषाद पहले भी कानून-व्यवस्था और अपने समाज से जुड़े मामलों में पुलिस-प्रशासन के सामने मुखर रुख अपनाते रहे हैं। जुलाई 2026 में जालौन में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान उनका सख्त तेवर वाला बयान भी चर्चा में आया था।
हालांकि विनोद हत्याकांड में मंत्री की ओर से पुलिस अधिकारियों को दिए गए किसी विशिष्ट अल्टीमेटम का पूरा आधिकारिक विवरण अभी स्वतंत्र स्रोतों से पुष्ट होना बाकी है।
हमलावरों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
अब पूरे मामले में सबसे ज्यादा नजर आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात के मकसद के खुलासे पर रहेगी।
पुलिस के लिए यह पता लगाना जरूरी होगा कि विनोद को पहले से निशाना बनाया गया था या रास्ते में हुए किसी विवाद के बाद हमला हुआ। नामजद आरोपियों और अज्ञात लोगों की कथित भूमिका भी अलग-अलग स्पष्ट करनी होगी।
अगर वारदात सुनियोजित थी तो इसके पीछे किसकी क्या भूमिका थी, इसकी कड़ियां जोड़ना विवेचना का अहम हिस्सा होगा।
परिवार और स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखते हुए कार्रवाई में देरी मामले को और संवेदनशील बना सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी होगी अहम
विनोद की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेगी।
रिपोर्ट से शरीर पर लगी चोटों की संख्या, प्रकृति और मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की जानकारी सामने आएगी। इसके आधार पर हमले में इस्तेमाल हथियार और चोटों की गंभीरता से जुड़े तथ्यों को भी समझने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट भी केस का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार
बर्तन का कारोबार करने वाले विनोद बुधवार शाम तक अपनी सामान्य दिनचर्या में थे। रात में दुकान बंद कर घर लौटते समय उन पर हमला हुआ और अगले ही दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
कुछ घंटों के भीतर एक परिवार की पूरी जिंदगी बदल गई।
अब परिजनों की नजर इस बात पर है कि वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अस्पताल पहुंचकर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। इससे पीड़ित परिवार को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मदद मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
वहीं पूरे घटनाक्रम ने परसपुर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सड़क पर कारोबारी को रोककर कई लोगों द्वारा धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप बेहद गंभीर है।
आरोपियों की भूमिका की होगी जांच
इस मामले में यह भी जरूरी है कि आरोप और तथ्य के बीच अंतर रखा जाए। शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और पांच से सात अज्ञात लोगों पर हमले का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और बाद में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी।
पुलिस के सामने अब घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की चुनौती होगी—विनोद दुकान से कब निकले, किस रास्ते से घर जा रहे थे, आरोपियों से उनका सामना कहां हुआ, हमला कितनी देर चला और उसके बाद हमलावर किस दिशा में गए।
इन सवालों के जवाब मिलने पर वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि गंभीर हमले में घायल **45 वर्षीय कारोबारी विनोद कुमार साहनी की KGMU में मौत हो चुकी है** और उनकी मौत के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। मंत्री संजय निषाद की पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद अब प्रशासन पर भी तेज और निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
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