- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- फैक्ट्री बंद कराने...
उत्तर प्रदेश
फैक्ट्री बंद कराने पहुंचे ग्रामीण, विवाद में गई मालिक की जान
nidhi
11 Oct 2026 7:31 AM IST

x
फैक्ट्री मालिक की मौत, तीन गिरफ्तार
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। गंगोह थाना क्षेत्र में पुराने टायरों से तेल निकालने वाली फैक्ट्री के मालिक अरबीन चौहान की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना में फैक्ट्री मालिक के भतीजे सादिक सहित दो लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के कारण आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैल रहा था और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण फैक्ट्री बंद कराने की मांग करने पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और तीन लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है।
घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर की रात की है। पुलिस के अनुसार, गंगोह क्षेत्र के कल्लरहेड़ी गांव के पास संचालित फैक्ट्री में पुराने टायरों को पिघलाकर तेल निकालने का काम किया जाता था। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं को लेकर आसपास के ग्रामीण पहले भी आपत्ति जता चुके थे। ग्रामीणों का कहना था कि धुएं से उनके घरों तक प्रदूषण पहुंच रहा था। इस समस्या का समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही थी।
फैक्ट्री बंद कराने पहुंचे थे ग्रामीण
शुक्रवार रात सलारपुरा, कल्लरहेड़ी और सनौली क्षेत्र से करीब 20 से 25 लोग फैक्ट्री पहुंचे थे। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं पर आपत्ति जताते हुए संचालन बंद करने की मांग की। उनका आरोप था कि धुएं के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के कर्मचारियों और चौकीदार से बातचीत की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। फैक्ट्री के चौकीदार किशन सिंह ने मामले की जानकारी मालिक अरबीन चौहान को दी। सूचना मिलने के बाद अरबीन चौहान फैक्ट्री पहुंचे। उनके साथ सादिक भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला
आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ लोगों ने फैक्ट्री मालिक अरबीन चौहान पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में अरबीन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे सादिक को भी चोटें आईं। मारपीट में दूसरे पक्ष के संजय उर्फ संदीप के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद गंगोह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। अरबीन चौहान की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सादिक का अस्पताल में इलाज कराया गया।
शामली के रहने वाले थे मृतक फैक्ट्री मालिक
मृतक अरबीन चौहान मूल रूप से शामली जिले के मन्नामाजरा गांव के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, उनकी उम्र लगभग 47 वर्ष थी। वह सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र में टायरों से तेल निकालने वाली फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। फैक्ट्री का नाम ग्रीन फ्यूल बताया गया है। यहां पुराने टायरों को प्रसंस्कृत करके तेल निकालने का काम किया जाता था। आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री के संचालन से निकलने वाला धुआं उनके घरों तक पहुंचता था। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पहले भी नाराजगी जताई थी। हालांकि फैक्ट्री से निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलने की किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत और फैक्ट्री से वास्तविक प्रदूषण की स्थिति अलग-अलग जांच के विषय हैं।
11 लोगों के खिलाफ मुकदमा, तीन हिरासत में
सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मयंक पाठक के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया गया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में संख्या तीन बताई गई। पुलिस फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। फुटेज के माध्यम से घटना के दौरान मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण की शिकायत से हत्या तक पहुंचा विवाद
सहारनपुर की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण की शिकायतों और उनके समाधान की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं उनके स्वास्थ्य और आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहा था। ऐसी शिकायतों की जांच करना संबंधित प्रशासनिक और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। यदि कोई औद्योगिक इकाई निर्धारित पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि किसी फैक्ट्री से प्रदूषण की शिकायत होने पर हिंसा करना या किसी व्यक्ति पर जानलेवा हमला करना कानूनन अपराध है। इस मामले में पुलिस हत्या और मारपीट की घटना की जांच कर रही है। वहीं फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के संबंध में ग्रामीणों की शिकायतों की अलग से तकनीकी जांच की आवश्यकता सामने आती है। फिलहाल अरबीन चौहान की मौत के मामले में आरोपियों की भूमिका निर्धारित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
Next Story





