उत्तर प्रदेश

False allegations, पर विकास त्यागी की सख्त प्रतिक्रिया, जांच की मांग

Ratna Netam
6 July 2026 2:37 PM IST
False allegations, पर विकास त्यागी की सख्त प्रतिक्रिया, जांच की मांग
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Saharanpur सहारनपुर : श्रीराम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए जा रहे कथित भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा एसआईटी को लिखे गए पत्र का समर्थन किया है और आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।

विकास त्यागी ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट पर हजारों करोड़ रुपये के घोटाले जैसे गंभीर आरोप कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा लगाए जा रहे हैं, जिनमें अखिलेश यादव, संजय सिंह, प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि यदि इन नेताओं के पास अपने आरोपों के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा झूठे आरोपों की स्थिति में उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में एसआईटी को संबंधित राजनीतिक चेहरों को तलब कर उनसे उनके आरोपों के प्रमाण प्रस्तुत कराने चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। त्यागी ने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने पहले भी राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और अब भी मंदिर की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि दान की गई वस्तुओं को लेकर गलत दावे किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि सभी दान की गई वस्तुएं मंदिर में सुरक्षित रूप से मौजूद हैं।विकास त्यागी ने यह भी कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण किसी एक व्यक्ति के धन से नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सहयोग और समर्पण से हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे राम मंदिर जैसे धार्मिक विषय को राजनीतिक विवाद का रूप दे रहे हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग मंदिर पर झूठे आरोप लगाकर प्रसिद्धि पाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके दान को लौटा दिया जाना चाहिए ताकि इस तरह की राजनीति पर रोक लग सके। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।त्यागी ने आगे कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच के जरिए सभी तथ्यों की पुष्टि हो सके और सच्चाई जनता के सामने आ सके।

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