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विजिलेंस का भ्रष्टाचार पर वार, LDA अधिकारी और दलाल रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अवर अभियंता, एक सुपरवाइजर और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने तीनों आरोपियों को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई 1 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता की सूचना के आधार पर की गई।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एलडीए के अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अवर अभियंता निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने निर्माण कार्य को रुकवाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद उन्होंने शिकायतकर्ता से कहा कि उसके निर्माण कार्य को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई है और कार्रवाई से बचने के लिए मामले को निपटाना होगा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस मामले को खत्म कराने के नाम पर निजी व्यक्ति श्रवण कुमार के जरिए रिश्वत की मांग की गई। श्रवण कुमार ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर बताया कि उसकी अवर अभियंता से बातचीत हो चुकी है। उसने कहा कि अगर वह 15 लाख रुपये दे देता है तो उसके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी और निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने एलडीए कार्यालय में जाकर अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश से मुलाकात की। आरोप है कि वहां भी उससे 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। सुपरवाइजर ने भी मामले को खत्म कराने के लिए पूरी रकम देने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद रिश्वत की रकम को दो किस्तों में देने पर सहमति बनी।
विजिलेंस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच 7.50 लाख रुपये की पहली किस्त देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की। तय समय और स्थान पर जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपियों को दी गई, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और अवैध वसूली की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत एलडीए के कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस टीम अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इससे पहले भी आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह रिश्वत की मांग की थी या नहीं।
एलडीए जैसे महत्वपूर्ण विभाग के कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





