- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- एटा में मंत्री और डीएम...

x
मंत्री ने डीएम से पूछे तीखे सवाल
एटा : उत्तर प्रदेश के एटा जिले में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और जिलाधिकारी अरविंद सिंह के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री डीएम से फोन नहीं उठाने को लेकर नाराजगी जताती नजर आ रही हैं। उन्होंने डीएम से सवाल किया कि आखिर प्रोटोकॉल में बड़ा कौन है।
मामला उस समय का है जब मंत्री बेबी रानी मौर्य एटा में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम अरविंद सिंह भी मौजूद थे। इसी दौरान मंत्री ने डीएम से पहले किए गए फोन कॉल का जवाब नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जाहिर की।
मंत्री ने 18 बार कॉल करने पर भी डीएम ने नहीं उठाया फोन, भड़कीं मंत्री, बुके लेने से किया इनकार pic.twitter.com/3shhLwC9vO
— Royal Bulletin (@RoyalBulletin) August 27, 2026
फोन नहीं उठाने पर जताई नाराजगी
वायरल वीडियो में मंत्री बेबी रानी मौर्य डीएम से कहती नजर आ रही हैं कि उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए फोन किया था, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद जरूरी है। मंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि यह सही नहीं है और अधिकारियों को फोन उठाना चाहिए। उन्होंने डीएम से यह भी पूछा कि "प्रोटोकॉल में आप हमसे बड़े हैं या हम?" वीडियो में डीएम जवाब देते नजर आ रहे हैं कि मंत्री प्रोटोकॉल में बड़ी हैं।
डीएम ने दी सफाई
मामले पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह की ओर से कहा गया कि मंत्री के सेक्रेटरी का फोन आया था, जिसे रिसीव किया गया था। उन्होंने बताया कि मंत्री के कार्यक्रम के दौरान वह समय पर मौजूद थे और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया। वहीं मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि उन्होंने डीएम को फोन किया था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोई बड़ी बात नहीं है, केवल संवाद की बात थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मंत्री और डीएम के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल को प्रशासनिक कामकाज के लिए जरूरी माना जाता है। ऐसे में यह घटना एक बार फिर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद के मुद्दे को सामने ले आई है।
Next Story





