- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- औरैया डबल मर्डर केस का...
उत्तर प्रदेश
औरैया डबल मर्डर केस का फैसला कभी करीबी रहे दोस्त कैसे बने दुश्मन
Ratna Netam
19 Aug 2026 5:05 PM IST

x
उत्तर प्रदेश :औरैया जिले के चर्चित मंजुल चौबे और सुधा हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। करीब छह साल तक चले इस मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कमलेश पाठक उत्तर प्रदेश की राजनीति का जाना-पहचाना नाम रहे हैं। वह समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी भी रह चुके हैं। कभी पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले कमलेश पाठक का राजनीतिक सफर लंबे समय तक प्रभावशाली रहा। लेकिन औरैया के दोहरे हत्याकांड ने उनकी छवि को बड़ा झटका दिया और वह एक गंभीर आपराधिक मामले में घिर गए।
राजनीति में कैसे बनाई पहचान
कमलेश पाठक ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत समाजवादी पार्टी के साथ की थी। वह पार्टी के पुराने नेताओं में गिने जाते थे। वर्ष 1990 में वह एमएलसी बने थे और बाद में सपा सरकार के दौरान मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। राजनीतिक क्षेत्र में उनकी पहचान एक प्रभावशाली नेता के रूप में रही।
स्थानीय राजनीति में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी। क्षेत्र में संगठन और समर्थकों के बीच उनका प्रभाव था। यही वजह थी कि जब उनके खिलाफ हत्या का मामला सामने आया तो यह घटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई।
क्या था मंजुल-सुधा हत्याकांड?
औरैया के नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को गोलीबारी की घटना हुई थी। इस घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे जिले को हिला दिया था।
पुलिस जांच में मामला मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद से जुड़ा बताया गया। आरोप था कि एक बीघा जमीन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला गोलीबारी तक पहुंच गया। जांच के बाद पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
दोस्ती से दुश्मनी तक पहुंची कहानी
इस मामले की सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि कभी कमलेश पाठक और मंजुल चौबे के बीच अच्छे संबंध बताए जाते थे। दोनों के बीच दोस्ती होने की बात भी सामने आई थी, लेकिन बाद में रिश्तों में खटास आ गई। जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की बात कही गई।
जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई साक्ष्य पेश किए। इस मामले में अभियोजन की ओर से 32 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने भी अपनी ओर से गवाह पेश किए। करीब छह साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।
अदालत का फैसला
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया। एक नाबालिग आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड में भेजा गया है।
वहीं, पुलिस की ओर से दर्ज कुछ अन्य मामलों में कुछ आरोपियों को अदालत ने बरी भी किया है। अदालत ने पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला दिया।
छह साल तक चला कानूनी संघर्ष
मंजुल-सुधा हत्याकांड की सुनवाई छह साल तक चली। इस दौरान आरोपी जेल में रहे और अदालत में लगातार सुनवाई होती रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर तारीख पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते थे।
पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए हुए था। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और दोषियों को सजा मिलने को न्याय की जीत बताया।
राजनीतिक करियर पर पड़ा असर
कमलेश पाठक के लिए यह फैसला उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा झटका माना जा रहा है। कभी सत्ता और संगठन में प्रभाव रखने वाले नेता अब गंभीर आपराधिक मामले में उम्रकैद की सजा पा चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी नेता के लिए आपराधिक मामले उसकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करते हैं। कमलेश पाठक का मामला भी इसी का उदाहरण है।
आगे क्या होगा?
अदालत के फैसले के बाद अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। दोषियों के पास उच्च अदालत में अपील का विकल्प मौजूद रहेगा। हालांकि फिलहाल अदालत के फैसले के बाद कमलेश पाठक और अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।
औरैया का मंजुल-सुधा हत्याकांड उत्तर प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल रहा है। इस मामले ने न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि प्रभावशाली पद पर रहने वाले लोगों के खिलाफ भी कानून अपना काम कर सकता है।
TagsMurder caseverdictclose associatefriendenemyमर्डर केसफैसलाकरीबीदोस्तदुश्मनजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





