उत्तर प्रदेश

उमर के साथ चल रही गाड़ियों की होगी जांच पुलिस ने शुरू की पहचान

Ratna Netam
11 Aug 2026 7:21 PM IST
उमर के साथ चल रही गाड़ियों की होगी जांच पुलिस ने शुरू की पहचान
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प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए लखनऊ जेल से पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज पहुंचे बड़े बेटे उमर अहमद के साथ चल रहे निजी वाहनों का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। प्रयागराज और फतेहपुर में टोल प्लाजा पर कथित तौर पर बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से अभद्रता करने और वाहन चढ़ाने की कोशिश के आरोपों में दर्ज मुकदमों के बाद पुलिस ने काफिले में शामिल गाड़ियों की पहचान तेज कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिकों और चालकों की जानकारी जुटा रही है।
प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज मुकदमे में कई निजी वाहनों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, एफआईआर में प्रयागराज के दस, लखनऊ और आजमगढ़ के नौ, जबकि बरेली, गोरखपुर और झांसी के एक-एक वाहन के अलावा दिल्ली की एक गाड़ी समेत अन्य अज्ञात वाहन शामिल हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वाहन नंबरों के आधार पर कुछ गाड़ियों के मालिकों की पहचान कर ली गई है और कई लोगों से पूछताछ भी शुरू की गई है।
जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित वाहन उस समय कौन चला रहा था और उनमें कौन-कौन लोग सवार थे। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ये सभी वाहन लखनऊ से ही उमर के काफिले के साथ प्रयागराज के लिए रवाना हुए थे या रास्ते में अलग-अलग जगहों से काफिले में शामिल हुए। पुलिस निजी वाहनों में मौजूद लोगों के आपसी संबंध और उनके प्रयागराज आने की वजह की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस इस सवाल का जवाब भी तलाश रही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में निजी वाहन प्रिजन वैन के पीछे-पीछे प्रयागराज तक क्यों पहुंचे और इन्हें एक साथ रवाना करने का निर्देश किसने दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में फतेहपुर में भी 21 वाहनों के चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आठ अगस्त को अतीक अहमद के बेटे अली को झांसी से प्रयागराज ले जाते समय पुलिस काफिले के पीछे चल रहे निजी वाहनों ने कटोघन और बड़ौरी टोल प्लाजा पर बिना टोल दिए निकलने का प्रयास किया। टोल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। टोलकर्मियों ने वाहन सवारों पर कथित तौर पर धमकी देने और वाहन चढ़ाने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं।
उधर, झांसी में हुए सड़क हादसे के बाद आबान अहमद और सोनू खान की मौत हो गई थी। हादसे में घायल उमर और जैद की हालत गंभीर बताई गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई। करीबियों के मुताबिक उमर को कई चोटें आई हैं, जबकि जैद भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। तीसरे घायल फारूख अजहम की स्थिति सामान्य बताई गई है।
आबान के अंतिम संस्कार से पहले उमर अहमद ने जनाजे की नमाज अदा की थी। वह लखनऊ जेल से पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज पहुंचे थे। आबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जनाजे के दौरान भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अब टोल प्लाजा से मिले सीसीटीवी फुटेज और गाड़ियों के नंबरों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है। प्रयागराज गंगानगर के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और वाहनों के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टोल प्लाजा पर हुई घटनाओं के पीछे कौन लोग शामिल थे और निजी वाहनों का यह काफिला किसके निर्देश पर प्रयागराज पहुंचा था।
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