उत्तर प्रदेश

सेना भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे युवक-युवती को वाहन ने कुचला युवक की मौत

Kavita2
5 Sept 2026 2:56 PM IST
सेना भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे युवक-युवती को वाहन ने कुचला युवक की मौत
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कानपुर। पुलिस और सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देख रहे युवाओं के साथ शनिवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। कानपुर-प्रयागराज हाईवे के किनारे भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ लगा रहे एक युवक और युवती को पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसा करने वाले वाहन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

मृतक की पहचान दयालपुर गांव निवासी सियाराम पासवान के 20 वर्षीय पुत्र संजय कुमार के रूप में हुई है। वहीं घायल युवती प्रांजुल सिंह नगर के नई बाजार मोहल्ले की रहने वाली है। वह रानी चंद्रप्रभा महाविद्यालय के पास रहने वाले पुत्तन सिंह की पुत्री है।

रोज की तरह सुबह दौड़ लगाने निकले थे युवा

जानकारी के मुताबिक संजय कुमार और प्रांजुल सिंह पुलिस तथा सेना भर्ती की तैयारी कर रहे थे। उनके साथ दो अन्य युवक भी नियमित रूप से शारीरिक अभ्यास के लिए दौड़ लगाते थे।

शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे चारों युवा रोज की तरह घर से निकले थे। उनका लक्ष्य पुलिस या सेना की भर्ती के लिए जरूरी शारीरिक दक्षता हासिल करना था।

चारों कानपुर-प्रयागराज हाईवे के किनारे दौड़ लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान वे इस्कुरी गांव के पास पहुंचे।

पीछे से आया तेज रफ्तार वाहन

बताया जा रहा है कि इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक वाहन ने दौड़ लगा रहे संजय और प्रांजुल को अपनी चपेट में ले लिया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए हादसे के बाद साथ दौड़ रहे अन्य युवकों में अफरा-तफरी मच गई।

सुबह का समय होने के कारण सड़क पर अंधेरा भी हादसे की गंभीरता बढ़ाने वाला कारण हो सकता है, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

गंभीर रूप से घायल हुआ संजय

वाहन की चपेट में आने से संजय कुमार को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद घायल युवक और युवती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई।

संजय की हालत बेहद गंभीर थी। उपचार के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसकी मौत हो गई।

20 साल के युवक की मौत की जानकारी परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।

प्रांजुल की हालत गंभीर

हादसे में प्रांजुल सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुई है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

परिजन और परिचित उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। भर्ती की तैयारी के लिए सुबह घर से निकली प्रांजुल के सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।

पुलिस और सेना में भर्ती का था सपना

संजय और उसके साथ दौड़ लगाने वाले युवा पुलिस तथा सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे। शारीरिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए वे प्रतिदिन सुबह दौड़ लगाने निकलते थे।

सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले हजारों युवा रोज सुबह दौड़, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियां करते हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों में पर्याप्त खेल मैदान नहीं होने की स्थिति में कई युवा सड़कों या हाईवे के किनारे दौड़ लगाने को मजबूर होते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

संजय की मौत से परिवार में कोहराम

संजय कुमार की उम्र महज 20 वर्ष थी। वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने और सरकारी सेवा में जाने की तैयारी कर रहा था।

परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत के दम पर वह पुलिस या सेना में भर्ती होकर अपने सपने को पूरा करेगा, लेकिन शनिवार सुबह हुए हादसे ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया।

संजय की मौत की खबर मिलते ही दयालपुर गांव में शोक का माहौल बन गया। परिचित और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

कुछ ही सेकंड में बदल गई जिंदगी

शनिवार सुबह भी युवाओं के लिए रोज जैसा ही दिन था। वे निर्धारित समय पर दौड़ के लिए निकले और अपनी तैयारी में जुट गए।

लेकिन इस्कुरी गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार वाहन ने कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल दिया।

संजय की जान चली गई और प्रांजुल अस्पताल पहुंच गई। साथ दौड़ रहे युवकों के लिए भी यह घटना बेहद सदमे वाली रही।

हाईवे किनारे दौड़ना जोखिम भरा

यह हादसा एक बार फिर हाईवे किनारे शारीरिक अभ्यास करने वाले युवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।

हाईवे पर भारी और तेज रफ्तार वाहनों का लगातार आवागमन होता है। सुबह अंधेरा या कम रोशनी होने के कारण सड़क किनारे दौड़ रहे लोगों को वाहन चालक समय पर नहीं देख पाते।

ऐसे में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सुरक्षित मैदान और रनिंग ट्रैक उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण विषय है।

तड़के साढ़े चार बजे हुआ हादसा

हादसा शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे हुआ। इस समय अक्सर सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवा दौड़ के लिए निकलते हैं।

सुबह सड़क पर यातायात अपेक्षाकृत कम होने के कारण युवा हाईवे या मुख्य मार्गों को अभ्यास के लिए चुन लेते हैं, लेकिन तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन उनके लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

विशेषकर हाईवे पर दौड़ लगाते समय अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी होती है।

वाहन की तलाश में जुट सकती है पुलिस

घटना के बाद पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान करना है।

इसके लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और वाहन से जुड़े अन्य संभावित सुराग महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि वाहन किस दिशा से आया और हादसे के बाद किस ओर गया।

भर्ती की तैयारी करने वालों की सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने उन युवाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने ला दिया है जो सेना और पुलिस भर्ती के लिए सड़कों पर दौड़ लगाते हैं।

कई क्षेत्रों में खेल मैदान या सुरक्षित रनिंग ट्रैक की कमी के कारण युवाओं के पास सड़क किनारे अभ्यास करने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं रहता।

यदि स्थानीय स्तर पर युवाओं को सुरक्षित मैदान और अभ्यास की सुविधा उपलब्ध हो तो इस तरह के जोखिम को कम किया जा सकता है।

एक सपना अधूरा छोड़ गया संजय

20 वर्षीय संजय कुमार पुलिस या सेना में भर्ती होने का सपना लेकर रोज सुबह मेहनत करता था। शनिवार को भी वह उसी सपने को पूरा करने की तैयारी में निकला था, लेकिन तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उसकी जिंदगी खत्म हो गई।

वहीं गंभीर रूप से घायल प्रांजुल का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

इस हादसे ने न केवल एक परिवार से उसका जवान बेटा छीन लिया, बल्कि सड़कों के किनारे भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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