- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- प्रियंका के 'गोमूत्र...
प्रियंका के 'गोमूत्र विशेषज्ञ' बयान पर VC विनय पाठक नाराज

कानपुर। लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा द्वारा आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) कानपुर के कुलपति और भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष प्रो. विनय पाठक ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का अपमान बताया है। उन्होंने प्रियंका वाड्रा से अपना बयान वापस लेने की मांग की है।
दरअसल, लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रियंका वाड्रा ने आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि की एक कमेटी में सदस्यता को लेकर सवाल उठाए थे। इसी दौरान उन्होंने प्रो. कामकोटि को 'गोमूत्र विशेषज्ञ' कहकर टिप्पणी की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में प्रतिक्रिया सामने आने लगी है।
CSJMU कुलपति प्रो. विनय पाठक ने शुक्रवार दोपहर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रो. वी. कामकोटि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं और आईआईटी मद्रास जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के निदेशक हैं। ऐसे वैज्ञानिक देश में शोध, नवाचार और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। उनके लिए इस तरह की टिप्पणी करना वैज्ञानिक समुदाय और शिक्षा जगत का अपमान है।
प्रो. पाठक ने कहा कि भारत की संस्कृति में हमेशा विद्वानों और ज्ञान से जुड़े लोगों का सम्मान किया गया है। हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा में भी विद्वानों को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और शिक्षाविद किसी एक राजनीतिक दल से जुड़े नहीं होते, बल्कि वे पूरे देश और समाज के हित में कार्य करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि देश के वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति की आलोचना तथ्यों और तर्कों के आधार पर होनी चाहिए, लेकिन किसी वैज्ञानिक की विशेषज्ञता और योगदान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
प्रो. विनय पाठक ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसे बयानों की निंदा करें और शिक्षा व विज्ञान से जुड़े लोगों के सम्मान को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने अपनी मेहनत और शोध के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। इसलिए उनके प्रति सम्मान की भावना रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा से भी अपने बयान को वापस लेने की मांग की। प्रो. पाठक ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं और वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल प्रभावित कर सकती हैं।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग प्रियंका वाड्रा के बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रो. वी. कामकोटि आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं और कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में संस्थान कई शोध परियोजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी पर शिक्षा जगत के कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
फिलहाल इस विवाद के बीच प्रो. विनय पाठक की मांग है कि राजनीतिक बहस में वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए और प्रियंका वाड्रा को अपना बयान वापस लेना चाहिए।





