उत्तर प्रदेश

Varanasi: पूरे नवरात्र नहीं खुलेंगी मांस-मछली की दुकानें: वाराणसी नगर निगम

Admindelhi1
28 March 2025 3:53 PM IST
Varanasi: पूरे नवरात्र नहीं खुलेंगी मांस-मछली की दुकानें: वाराणसी नगर निगम
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"वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला"

वाराणसी: नवरात्रि के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर निगम के उपसभापति ने बताया कि नवरात्रि के दौरान नगर निगम क्षेत्र में सभी मांस-मछली की दुकानें बंद रहेंगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज

यह निर्णय नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह आदेश धार्मिक नगरी काशी की परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी दुकानदार इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

धार्मिक भावनाओं के सम्मान में लिया गया फैसला

बता दे कि काशी को सनातन संस्कृति का केंद्र माना जाता है, जहां नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा बड़े धूमधाम से की जाती है। ऐसे में इस आदेश को श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं के सम्मान में लिया गया फैसला बताया जा रहा है। इससे पहले नगर निगम ने जनवरी में भी ऐसा आदेश जारी किया था। नगर निगम ने काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह की मांस या मछली की दुकान खोलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों ने इस फैसले का विरोध किया है।

नगर निगम ने दुकानदारों को भी भेजा नोटिस

इस संबंध में नगर निगम ने दुकानदारों को नोटिस भी भेजा था, जिस पर दुकानदारों ने आपत्ति जताई थी। नोटिस में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये दुकानें अवैध रूप से चलाई जा रही थीं और इनके पास कोई लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा इन दुकानों में साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया।

वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने कहा था, ‘पिछले साल सदन और कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में कोई भी मांस या मांसाहारी उत्पाद की दुकान नहीं होनी चाहिए।’

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