उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने दी वकीलों को सौगात, बढ़ाई अधिवक्ता कल्याण निधि राशि

Deepa Sahu
12 Nov 2021 12:03 AM IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने दी वकीलों को सौगात, बढ़ाई अधिवक्ता कल्याण निधि राशि
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उत्तर प्रदेश सरकार अब विधानसभा चुनावों से पहले हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है.

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश सरकार अब विधानसभा चुनावों से पहले हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है. इसी को देखते हुए बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान अधिवक्ताओं को लेकर बड़ा फैसला किया गया. कैबिनेट बैठक में अधिवक्ताओं की कल्याण निधि राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया. इस फैसले के बाद अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है.

यूपी बार काउंसिल और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने संयुक्त तौर पर सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. बार काउंसिल ऑफ यूपी के चेयरमेन श्रीश कुमार मेहरोत्रा ने कहा कि ये मांग लंबे समय से अधिवक्ता करते आ रहे थे, लेकिन किसी भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया. न ही कोई पहल की गई, अब योगी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट में मंजूरी देकर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात दी है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेन्द्र नाथ सिंह ने कहा की सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में 16 दिसंबर 2020 को आयोजित अधिवक्ताओं के एक बड़े समागम में इस मांग को लेकर अपनी सहमति दी थी. जिसे बुधवार को अपनी कैबिनेट से मंजूरी देकर अधिवक्ता हितों के लिए बड़ा कार्य किया है, जो स्वागत योग्य कदम है. उन्होंने कहा की किसी को यह उम्मीद नहीं थी की अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि को तीन गुना बढ़ा दिया जाएगा. लेकिन सूबे की सरकार ने पहले की डेढ़ लाख राशि को बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है. इससे वरिष्ठ अधिवक्ता जो 30 वर्ष से अधिक की प्रैक्टिस कर चुकें हैं, उन्हें आर्थिक तौर पर मजबूत करके सरकार ने सराहनीय कार्य किया है.
गौरतलब है की सूबे की सरकार ने विधानसभा चुनाव 2017 में अपने संकल्प पत्र में वादा किया था, कि वकीलों को अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाया जाएगा. अब जब यूपी विधानसभा के 2022 चुनाव में कुछ समय का वक्त रह गया हो, ऐसे समय में सरकार ने अधिवक्ताओं से किए गए अपने एक बड़े वादे को पूरा कर दिया है. यूपी सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों अधिवक्ताओं को जहां आर्थिक तौर मजबूती मिलेगी तो वहीं इसे चुनाव से ठीक पहले एक बड़े सौगात के रूप में भी देखा जा रहा है.
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