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- 20 रुपये में लाते थे...

झाँसी: नकली नोटों का यह कारोबार उत्तराखंड स्थित ऊधम सिंह नगर से जुड़ा हुआ है. वहां रहने वाले व्यक्ति इस गिरोह को बीस रुपये में सौ के नकली नोट मुहैया कराते थे. जिसको यह लोग पच्चीस रुपये में आगे बढ़ा दिया करते थे. यही नहीं, गिरोह के सदस्य नकली नोटों को बाजार में बड़े पैमाने पर खुद भी खपाते थे.
बकौल पुलिस अफसर पूछताछ में आरोपित पिपरई निवासी आशीष परिहार ने बताया कि वह पत्थर का काम करता है. इस काम में काफी कर्ज हो गया था. जिसको लेकर वह बेहद परेशान रहता था. माह जनवरी 2023 में आगरा रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात वासुभाई निवासी ऊधम सिंह नगर उत्तराखण्ड से हुई. इस व्यक्ति ने उसको बहुत जल्द करोड़पति बनने का स्वप्न दिखाया और नकली नोटों के कारोबार से जोड़ लिया. वासुभाई नकली करेंसी नोटो की छपाई करवाते हैं. जिसको वह 1/5 यानि बीस प्रतिशत कीमत पर लाते हैं. इन नकली नोटों को वह अपने एक संगठित गिरोह के माध्यम से असली की तरह बाजार में खपाते हैं. यही नहीं, कई लोगों को यह नोट एक चौथाई कीमत पर भी देते हैं. आशीष ने यह भी बताया कि उनकी गैंग का मुखिया वासुभाई उर्फ बलविन्दर सिंह है. गुरु जी नामक कारीगर के माध्यम से वह नोटों की छपाई करवाते हैं. वह लोग अब तक चार लाख रुपये कीमत के नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं. पूछताछ में मिली महत्वपूर्ण जानकारी के बाद पुलिस ने वासुभाई उर्फ बलविन्दर सिंह पुत्र जनरैल सिंह निवासी ग्राम बंगावा पोस्ट मझौला थाना व जिला उधम सिंह नगर उत्तराखण्ड, गुरुजी नाम पता अज्ञात सहित गैंग में शामिल सभी आरोपितों की तलाश शुरू कर दी.





