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स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में यूपी की बड़ी उपलब्धि, 1.62 लाख स्कूलों ने पूरे किए मानक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को पढ़ाई और बुनियादी साक्षरता के साथ स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही पहल के तहत 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग' (SHVR) 2026-27 में प्रदेशभर के 1,62,054 विद्यालयों ने निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए प्रक्रिया में सफल सहभागिता दर्ज कराई है।
प्रदेश में कुल करीब 2.66 लाख स्कूल हैं। इनमें से 1.86 लाख से अधिक विद्यालयों ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने वाले विद्यालयों के आधार पर उत्तर प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
जनपदवार प्रदर्शन में कानपुर देहात ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले के कुल 2,876 विद्यालयों में से 2,392 स्कूलों ने रेटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। जिले का पूर्णता प्रतिशत 83.17 प्रतिशत दर्ज किया गया।
स्वच्छता के साथ पर्यावरणीय चेतना पर जोर
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई के साथ स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना है। इसके जरिए विद्यालयों में स्वच्छता और हरित परिवेश से जुड़े मानकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
प्रदेश के बड़ी संख्या में विद्यालयों की भागीदारी यह दिखाती है कि स्कूल स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
रेटिंग प्रक्रिया के तहत विद्यालयों को निर्धारित मानकों को पूरा करना होता है। प्रदेश में 1.62 लाख से अधिक स्कूलों का इन मानकों को पूरा करना अभियान की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
1.86 लाख से ज्यादा स्कूलों ने लिया हिस्सा
उत्तर प्रदेश में कुल लगभग 2.66 लाख विद्यालयों में से 1.86 लाख से अधिक स्कूलों ने SHVR 2026-27 की प्रक्रिया में भागीदारी की।
इनमें 1,62,054 विद्यालयों ने सभी जरूरी मानकों को पूरा करते हुए प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस आधार पर प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत रहा।
इस अभियान में बड़ी संख्या में स्कूलों की भागीदारी के कारण स्वच्छता और पर्यावरणीय जागरूकता को विद्यालय स्तर पर व्यापक रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
कानपुर देहात पूरे प्रदेश में अव्वल
SHVR 2026-27 के जनपदवार प्रदर्शन में कानपुर देहात ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। जिले में कुल 2,876 विद्यालय हैं। इनमें से 2,392 विद्यालयों ने रेटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस तरह कानपुर देहात का पूर्णता प्रतिशत 83.17 प्रतिशत रहा, जिसके साथ जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
कानपुर देहात का प्रदर्शन प्रदेश के औसत 60.83 प्रतिशत से काफी अधिक रहा है। जिले के अधिकांश विद्यालयों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने से वह राज्य की सूची में सबसे आगे पहुंच गया।
मुजफ्फरनगर और भदोही का भी बेहतर प्रदर्शन
जनपदवार प्रदर्शन में कानपुर देहात के साथ मुजफ्फरनगर और भदोही का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। इन जिलों ने भी स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग प्रक्रिया में बेहतर भागीदारी दर्ज कराई।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में मुजफ्फरनगर और भदोही के पूर्णता प्रतिशत तथा प्रक्रिया पूरी करने वाले विद्यालयों की संख्या का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जिलों के आंकड़ों को लेकर अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
फिर भी प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में इन दोनों का नाम सामने आया है।
स्कूलों में स्वच्छ वातावरण बनाने की पहल
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की अवधारणा स्कूल परिसर को केवल शिक्षा प्राप्त करने के स्थान तक सीमित नहीं रखती। इसका उद्देश्य बच्चों के बीच स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी आदतों को बढ़ावा देना भी है।
विद्यालय परिसर में स्वच्छता और हरित वातावरण विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों को कम उम्र से ही पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने से इन विषयों को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने में मदद मिल सकती है।
इसी सोच के साथ विद्यालयों को रेटिंग प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण पर फोकस
प्रदेश सरकार की ओर से स्कूली शिक्षा को केवल बुनियादी साक्षरता तक सीमित न रखते हुए अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरणीय चेतना इसी दिशा का हिस्सा हैं।
SHVR 2026-27 में 1.86 लाख से अधिक विद्यालयों की भागीदारी इस पहल के व्यापक स्तर को दिखाती है।
स्कूलों में विद्यार्थियों का काफी समय गुजरता है। ऐसे में विद्यालय परिसर में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ने से बच्चों के व्यवहार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
जिलों के प्रदर्शन से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
जनपदवार रेटिंग सामने आने से जिलों के बीच बेहतर प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिल सकता है। कानपुर देहात का 83.17 प्रतिशत पूर्णता के साथ शीर्ष स्थान हासिल करना अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण बनकर सामने आया है।
रेटिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाने में भी मदद मिलती है कि किन जिलों में ज्यादा विद्यालय मानकों को पूरा कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में अभी और काम किए जाने की जरूरत है।
प्रदेश का कुल पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत है। ऐसे में शेष विद्यालयों को भी निर्धारित मानकों तक पहुंचाने की दिशा में आगे काम किए जाने की गुंजाइश बनी हुई है।
1.62 लाख विद्यालयों ने पूरे किए मानक
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2026-27 के तहत उत्तर प्रदेश में 1,62,054 विद्यालयों का प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करना अभियान की प्रमुख उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
कुल 2.66 लाख स्कूलों में से 1.86 लाख से अधिक विद्यालयों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया। इनमें से बड़ी संख्या में स्कूलों ने निर्धारित मानकों को पूरा किया।
कानपुर देहात ने 83.17 प्रतिशत पूर्णता के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। जिले के 2,876 विद्यालयों में से 2,392 ने प्रक्रिया पूरी की। मुजफ्फरनगर और भदोही का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है।
अब इस पहल में उन विद्यालयों की भागीदारी और मानकों की पूर्णता बढ़ाने पर नजर रहेगी, जो अभी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। इससे प्रदेश में शिक्षा के साथ स्वच्छता, हरित वातावरण और पर्यावरणीय जागरूकता को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।





