उत्तर प्रदेश

नवोदय विद्यालय में खाने को लेकर बवाल जांच की मांग

Ratna Netam
16 Aug 2026 8:15 PM IST
नवोदय विद्यालय में खाने को लेकर बवाल जांच की मांग
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धनेवा-धनेई में रविवार सुबह छात्रों को परोसे गए भोजन में मरा हुआ मेंढक मिलने का मामला सामने आया है। एक छात्र की थाली में दाल के भीतर मेंढक दिखाई देने के बाद मेस में हड़कंप मच गया। नाराज विद्यार्थियों ने भोजन करने से इनकार कर दिया और थालियां फेंककर विरोध जताया। विद्यालय प्रशासन ने घटना की जांच कराने और भोजन व्यवस्था की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, आवासीय विद्यालय की मेस में रविवार सुबह छात्रों को दाल, चावल और सब्जी परोसी जा रही थी। इसी दौरान कक्षा नौ के एक छात्र की थाली में दाल के साथ एक मरा हुआ मेंढक दिखाई दिया। छात्र ने तत्काल पास बैठे दूसरे विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में यह बात पूरी मेस में फैल गई और बड़ी संख्या में छात्र वहां जमा हो गए।
भोजन में मरा हुआ जीव मिलने से विद्यार्थियों में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने खाना खाने से मना करते हुए उसकी गुणवत्ता और मेस की स्वच्छता पर सवाल उठाए। कुछ छात्रों ने विरोध में अपनी थालियां फेंक दीं। इसके बाद मेस परिसर में काफी देर तक हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस घटना की एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में भी कक्षा नौ के छात्र की थाली में मेंढक मिलने की बात कही गई है।
विद्यार्थियों का आरोप था कि मेस में खाना बनाने और परोसने के दौरान पर्याप्त साफ-सफाई नहीं रखी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद भोजन छात्रों तक कैसे पहुंच गया। आवासीय विद्यालय में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं और उन्हें प्रतिदिन विद्यालय की मेस से ही नाश्ता तथा भोजन दिया जाता है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता सीधे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी है।
मेस में हंगामे की सूचना मिलने के बाद उप प्रधानाचार्य दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज विद्यार्थियों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। छात्रों ने उन्हें संबंधित थाली और भोजन दिखाते हुए मेस व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। उप प्रधानाचार्य ने जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा देकर विद्यार्थियों को शांत कराने का प्रयास किया।
काफी देर की बातचीत के बाद छात्रों का विरोध शांत हुआ। विद्यालय प्रशासन ने तत्काल घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी एकत्र करनी शुरू की। भोजन किस समय और किन परिस्थितियों में तैयार किया गया, दाल के लिए इस्तेमाल किए गए अनाज और पानी को कहां रखा गया तथा खाना परोसने से पहले उसकी जांच हुई या नहीं, जैसे बिंदुओं पर पड़ताल किए जाने की बात कही गई है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरज कुमार ने बताया कि एक छात्र ने भोजन में मरा हुआ मेंढक मिलने की शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लिया गया है और इसकी गहन जांच कराई जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मेस में खाना तैयार करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि रसोई की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। यदि जांच में किसी कर्मचारी या भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था की लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना के बाद यह जांचना भी जरूरी होगा कि जिस बर्तन में दाल बनाई गई थी, उसे पकाने से पहले ठीक से साफ किया गया था या नहीं। खाद्य सामग्री का भंडारण सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर था या नहीं तथा मेस परिसर में कीट और जीवों को रोकने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, ये सभी जांच के अहम बिंदु हो सकते हैं।
फिलहाल किसी छात्र के बीमार होने या चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ने की सूचना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में परोसे गए भोजन को तुरंत रोकना, संबंधित खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखकर जांच कराना और भोजन ग्रहण कर चुके विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखना जरूरी होता है।
घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। विद्यालय प्रशासन के सामने अब जांच को पारदर्शी तरीके से पूरा करने और मेस में स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मेंढक भोजन में किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
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