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गोवंश के अवशेष मिलने पर बवाल, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर 36 घंटे में गिरफ्तारी की मांग

गोरखपुर। धौसहर उर्फ बेलवाबारी गांव में शुक्रवार सुबह धन निरंकार आश्रम के पास सड़क किनारे गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना फैलते ही इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते गोला-कौड़ीराम मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली और पेड़ की डाल सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया।
मामला धौसहर उर्फ बेलवाबारी गांव में समय माता मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित धन निरंकार आश्रम के पास का है। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे सड़क किनारे गोवंश के अवशेष पड़े होने की जानकारी स्थानीय लोगों को हुई। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांवों में फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया और सड़क किनारे पड़े अवशेषों को एकत्र कराया। इसके बाद जेसीबी की मदद से अवशेषों को जमीन में दफना दिया गया। पुलिस की ओर से मौके पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ। लोग आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों ने कहा कि जब तक गिरफ्तारी के संबंध में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक सड़क से हटने का सवाल नहीं है। इसके बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली और पेड़ की डाल सड़क पर रख दी और गोला-कौड़ीराम मार्ग पर आवागमन रोक दिया।
सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच मान-मनौव्वल चलता रहा। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और आरोपितों की तलाश तेज की जाएगी।
ग्रामीण गिरफ्तारी की समयसीमा को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए थे। काफी बातचीत के बाद पुलिस की ओर से 36 घंटे के भीतर आरोपितों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। सड़क पर लगाए गए अवरोध हटाए गए और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई।
घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवशेष वहां किस तरह पहुंचे।
पुलिस अब स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के अलावा यह भी देखा जा सकता है कि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा लगा है या नहीं। यदि कैमरों की फुटेज उपलब्ध होती है तो उससे संदिग्ध लोगों या वाहनों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
घटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। लोगों ने कहा कि सड़क किनारे इस तरह के अवशेष मिलने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हुई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण लगातार आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे।
पुलिस की ओर से मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती भी की गई। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
घटना के संदर्भ में यह भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस ने अवशेषों को तत्काल हटाकर जमीन में दफना दिया। इससे सड़क किनारे किसी तरह की अप्रिय स्थिति को बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। हालांकि ग्रामीणों की मुख्य मांग आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी थी, इसलिए जाम समाप्त कराने में समय लगा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह-सुबह घटना की जानकारी फैलने के कारण आसपास के क्षेत्रों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे थे। भीड़ बढ़ने के साथ स्थिति संवेदनशील हो गई थी। इसी वजह से पुलिस ने बातचीत के जरिए मामले को शांत करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने पुलिस से यह भी मांग की कि घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना था कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपितों तक पहुंचने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। 36 घंटे के भीतर गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क खोल दी है। अब पुलिस के सामने आरोपितों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती है।
गोला-कौड़ीराम मार्ग पर करीब एक घंटे तक चले जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क खुलने के बाद यातायात सामान्य हुआ। प्रशासन ने भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोवंश के अवशेष वहां कैसे पहुंचे और इस घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। फिलहाल गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस सतर्क है तथा किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए निगरानी जारी है। ग्रामीण भी अब पुलिस के 36 घंटे के आश्वासन के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।





