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उत्तर प्रदेश
बस्ती में गणेश प्रतिमा खंडित होने पर बवाल, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 10 नामजद समेत 30 पर केस
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 11:37 PM IST

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बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और मूर्ति खंडित होने के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो चौकी प्रभारियों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में हुई घटना को लेकर 10 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के दौरान जुलूस पर पथराव, महिलाओं से अभद्रता और प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
यह घटना सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की देर रात पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के अस्पताल चौराहे के पास हुई थी। विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद बढ़ने से इलाके में तनाव पैदा हो गया। प्रतिमा खंडित होने की जानकारी मिलने के बाद आयोजन समिति के सदस्य नाराज हो गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पिपरा रामकिशुन से प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। सोमवार रात करीब 11 बजे जुलूस अस्पताल चौराहे के पास पहुंचा।इसी दौरान कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने जुलूस में शामिल लोगों पर पथराव किया। इस दौरान एक प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई।घटना के बाद जुलूस में शामिल लोगों में नाराजगी फैल गई। आयोजकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विसर्जन रोक दिया।प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, विवाद के दौरान कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ अभद्रता भी की। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच जारी है।
अस्पताल चौराहे और रोडवेज तिराहे पर प्रदर्शन
प्रतिमा खंडित होने की जानकारी मिलते ही आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।नाराज लोगों ने अस्पताल चौराहे और रोडवेज तिराहे पर जाम लगाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे।घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कुछ पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही।
दो चौकी प्रभारियों समेत छह पुलिसकर्मी निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने ड्यूटी में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।निलंबित पुलिसकर्मियों में प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी और दक्षिण दरवाजा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार शामिल हैं।इसके अलावा हेड कांस्टेबल संजय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार गुप्ता, कांस्टेबल कमलेश कुमार गौड़ और कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव पर भी कार्रवाई की गई है।इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक जुलूस की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित थी। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
10 नामजद और 20 अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा
घटना के संबंध में दुर्गा पूजा आयोजन समिति के सदस्य शुभम जायसवाल की शिकायत पर पुरानी बस्ती थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।शिकायत में पथराव, महिलाओं से छेड़छाड़, गहने छीनने, मारपीट और प्रतिमा को खंडित करने के आरोप लगाए गए हैं।पुलिस ने सलमान कुरैशी, अनीस, इरफान, फजल, नफीस, आरडीक्स, अरमान, मंटू पठान, समीर और रेहान को नामजद किया है।इसके अलावा 20 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज
मामले की जांच के लिए पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।घटना के संबंध में छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।इसके अलावा पुलिस की अलग-अलग टीमें नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
विसर्जन जुलूस के दौरान हंगामा बढ़ने की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत, सीओ सिटी मानसी दहिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने नाराज लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।आयोजन समिति के सदस्यों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।पुलिस अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।इसके बाद क्षतिग्रस्त प्रतिमा को अमहट घाट ले जाकर विसर्जित कराया गया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
आयोजकों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
आयोजन समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों को पहले ही विवाद की आशंका के बारे में जानकारी दी गई थी।इसके बावजूद समय रहते पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।आयोजकों का कहना था कि यदि सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क होती, तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था।हालांकि, इन आरोपों की जांच विभागीय स्तर पर की जाएगी।पुलिस प्रशासन ने छह कर्मचारियों को निलंबित कर स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता
बस्ती में हुई इस घटना के बाद धार्मिक जुलूसों और सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ गई है।ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है।प्रशासन के सामने चुनौती होती है कि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
पुलिस ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।उन्होंने बताया कि आयोजन समिति के सदस्यों से बातचीत के बाद विसर्जन संपन्न कराया गया।इसके बाद शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
बस्ती में प्रतिमा खंडित होने और विसर्जन जुलूस के दौरान हंगामे की घटना के बाद पुलिस की जांच जारी है।एक तरफ नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ निलंबित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
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