उत्तर प्रदेश

UP कांग्रेस में बवाल कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई

Ratna Netam
11 Oct 2026 6:22 PM IST
UP  कांग्रेस में बवाल कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को कांग्रेस के भीतर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के दफ्तर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। यह घटना नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के पदभार ग्रहण कार्यक्रम से ठीक पहले हुई। प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है।जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद उस समय सामने आया, जब पार्टी की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा-मोना के पदभार ग्रहण की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान अजय राय के कार्यालय में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और इसमें शामिल कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की तैयारी कर रही है। पार्टी की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा-मोना ने राज्य में राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की कांग्रेस की क्षमता पर भरोसा जताया है।
पदभार ग्रहण कार्यक्रम से पहले हुआ विवाद
रविवार को आराधना मिश्रा-मोना के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने का कार्यक्रम निर्धारित था। पार्टी के लिए यह कार्यक्रम संगठनात्मक बदलाव और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।लेकिन कार्यक्रम से पहले ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की घटना सामने आ गई। हाथापाई की जानकारी मिलने के बाद पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यकर्ताओं के बीच विवाद किस मुद्दे पर शुरू हुआ था। घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या इस संबंध में पुलिस कार्रवाई किए जाने की भी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
2027 विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की नजर
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।आराधना मिश्रा-मोना को प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के सामने संगठनात्मक स्तर पर कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे। इनमें कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, संगठन की गतिविधियों को गति देना और आगामी चुनावों को लेकर तैयारियां शामिल हैं।नई प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की पार्टी की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।हालांकि, पदभार ग्रहण कार्यक्रम से ठीक पहले कार्यकर्ताओं के बीच हुई हाथापाई ने पार्टी के भीतर आपसी समन्वय के मुद्दे को भी सामने ला दिया है।
अजय राय की नाराजगी के बाद वरिष्ठ नेताओं ने संभाली स्थिति
घटना को लेकर सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, अजय राय के समर्थकों और कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि अजय राय को लेकर की गई टिप्पणी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल भी चले। नाराज अजय राय धरने पर बैठ गए और संबंधित नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।इसके बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और आराधना मिश्रा-मोना ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। बातचीत के बाद अजय राय वापस लौटे और उन्होंने आराधना मिश्रा को औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा।
वोटर लिस्ट के SIR पर अजय राय ने उठाए सवाल
इस बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया के कारण झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले कमजोर वर्गों के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।राय ने आरोप लगाया कि नाम हटाए जाने से प्रभावित लोगों के मतदान अधिकार पर असर पड़ा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए और किन कारणों से हटाए गए, इसका प्रमाणित विवरण भी सामने नहीं आया है।
संगठन को मजबूत करने की चुनौती
आराधना मिश्रा-मोना के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ कांग्रेस में नए नेतृत्व की शुरुआत हुई है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही है।वहीं, पदभार ग्रहण के दिन हुई हाथापाई और अजय राय की नाराजगी ने पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल का सवाल खड़ा कर दिया है। अब कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठनात्मक तैयारियों को आगे बढ़ाने के साथ इस विवाद को सुलझाने की भी चुनौती है।
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