उत्तर प्रदेश

मंच पर नाम छूटा तो मचा बवाल, BJP नेताओं में चले थप्पड़

Alisha
4 Oct 2026 4:09 PM IST
मंच पर नाम छूटा तो मचा बवाल, BJP नेताओं में चले थप्पड़
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उत्तर प्रदेश : के आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब मंच से नाम लिए जाने को लेकर दो वरिष्ठ नेता आपस में भिड़ गए। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान थप्पड़ चलने की बात भी सामने आई है। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पार्टी कार्यालय में हुई इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक भाजपा कार्यालय में पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में जिले के कई पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम सामान्य तरीके से चल रहा था और मंच से बैठक में पहुंचे नेताओं एवं पदाधिकारियों का परिचय और स्वागत किया जा रहा था। इसी दौरान एक वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि नाम नहीं लिए जाने से नाराज नेता ने इस पर आपत्ति जताई। शुरुआत में मामला बातचीत तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गरमा गया। वहां मौजूद दूसरे वरिष्ठ नेता से उनकी तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप होने लगे। बैठक में मौजूद दूसरे पदाधिकारियों ने मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बैठक के दौरान अचानक अफरा-तफरी जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के काफी करीब पहुंच जाते हैं और आसपास मौजूद कार्यकर्ता उन्हें अलग करने का प्रयास करते नजर आते हैं। इसी दौरान हाथापाई और थप्पड़बाजी की स्थिति बन जाती है। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की शुरुआत और सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
पार्टी की संगठनात्मक बैठक में इस तरह की घटना होने के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ता भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ते ही कई नेता बीच-बचाव के लिए आगे आए। दोनों नेताओं को एक-दूसरे से अलग किया गया और मामला शांत कराने की कोशिश की गई। कुछ समय के लिए बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद इसका वीडियो किसी व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग वीडियो को शेयर करते हुए घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। राजनीतिक कार्यक्रम के भीतर दो वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह विवाद होने के कारण मामला ज्यादा चर्चा में आ गया।
बताया जा रहा है कि विवाद की मुख्य वजह मंच से नाम नहीं लिया जाना था। बैठक में नेताओं और पदाधिकारियों के नाम लिए जा रहे थे, लेकिन एक नेता का नाम छूटने के बाद उन्होंने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद दूसरे नेता से उनकी बहस हो गई। मामूली दिखने वाला विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी यह स्थिति असहज करने वाली रही। संगठनात्मक बैठकों का उद्देश्य आमतौर पर पार्टी के कार्यक्रमों, संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और आगामी रणनीति पर चर्चा करना होता है। लेकिन आजमगढ़ में हुई बैठक नेताओं की आपसी भिड़ंत के कारण चर्चा का विषय बन गई।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि पार्टी संगठन इस मामले को किस तरह देखता है। वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से हुई ऐसी घटना को लेकर संगठनात्मक स्तर पर जानकारी मांगी जा सकती है। हालांकि मामले में पार्टी की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति सामने आने का इंतजार है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दलों से जुड़े लोग वायरल वीडियो को लेकर भाजपा पर निशाना साध सकते हैं, वहीं पार्टी के लिए यह अंदरूनी अनुशासन से जुड़ा मामला बन सकता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के कारण घटना अब स्थानीय बैठक तक सीमित नहीं रह गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में यह भी महत्वपूर्ण है कि वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे अलग-अलग दावों को सत्यापित जानकारी के बिना तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। वीडियो का केवल एक हिस्सा सामने आने से घटना के पूरे संदर्भ का पता नहीं चलता। विवाद से पहले दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई और मामला किस बात पर इतना बढ़ गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल आजमगढ़ भाजपा कार्यालय की संगठनात्मक बैठक में हुई इस घटना ने सबका ध्यान खींचा है। नाम लिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर हाथापाई और थप्पड़बाजी तक पहुंच गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों नेताओं को अलग किया, लेकिन तब तक घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी थी। अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और भाजपा संगठन की ओर से मामले पर आने वाली प्रतिक्रिया तथा संभावित कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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