उत्तर प्रदेश

गोरखपुर MLC चुनाव में आधी रात बवाल, BJP के आगे होते ही सपा और निर्दलीय प्रत्याशी का हंगामा

Kavita2
28 Oct 2026 9:24 AM IST
गोरखपुर MLC चुनाव में आधी रात बवाल, BJP के आगे होते ही सपा और निर्दलीय प्रत्याशी का हंगामा
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान आधी रात जमकर हंगामा हो गया। मतगणना में अचानक आए बदलाव को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी ने गंभीर सवाल उठाए। दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना का विरोध किया। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव का आरोप है कि मतपत्रों पर पेन से पहली वरीयता के अंक '1' को बदलकर '4' कर दिया गया, जिससे उनके पक्ष में पड़े वोट भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के खाते में चले गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मतगणना नियमानुसार कराए जाने की बात कही है। विवाद के बीच भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी प्रथम वरीयता की मतगणना में 466 वोटों से आगे हो गए।

तीन राउंड तक आगे रहे राजीव यादव, चौथे में बदला खेल

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में कराई जा रही थी। शुरुआत से ही भाजपा, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 3,813 वोट मिले, जबकि निर्दलीय राजीव यादव को 3,703 मत प्राप्त हुए। समाजवादी पार्टी के संजयन त्रिपाठी 2,744 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

दूसरे राउंड में समीकरण बदल गए और राजीव यादव ने भाजपा उम्मीदवार पर 33 मतों की बढ़त बना ली। तीसरे राउंड की समाप्ति तक राजीव यादव को 11,287 और ध्रुव त्रिपाठी को 10,911 वोट मिले थे। इस तरह निर्दलीय उम्मीदवार 376 वोटों से आगे चल रहे थे।

लेकिन चौथे राउंड में भाजपा प्रत्याशी आगे निकल गए। इसके बाद मतगणना केंद्र पर विवाद शुरू हो गया।

पेन से 1 को 4 बनाने का गंभीर आरोप

निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि करीब 42 हजार मतों की गणना तक वह आगे चल रहे थे, लेकिन अंतिम चरण में करीब 1,600 मतों की गिनती के दौरान अचानक भाजपा उम्मीदवार को बढ़त दिला दी गई।

राजीव यादव ने दावा किया कि मतपत्र पर उनके नाम के सामने दर्ज पहली वरीयता के अंक '1' को पेन से बदलकर '4' किया गया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के सामने खाली स्थान में '1' लिख दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे उम्मीदवारों के मतपत्रों में भी इसी तरह बदलाव किए गए। राजीव के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, मतपत्रों में वास्तव में कोई छेड़छाड़ हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक जांच के बिना पुष्टि नहीं की जा सकती।

सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने भी मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शुरुआती तीन चरणों तक मतगणना सामान्य तरीके से चल रही थी और निर्दलीय प्रत्याशी लगातार बढ़त बनाए हुए थे।

उनका आरोप है कि अंतिम चरण में अचानक भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में बड़ी संख्या में मत निकलने लगे। संजयन त्रिपाठी ने सवाल किया कि जब निर्दलीय उम्मीदवार पहले के चरणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे तो अंतिम चरण में उन्हें इतने कम मत कैसे मिले।

सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने प्रत्येक राउंड की मतगणना का विवरण उपलब्ध कराने की मांग भी की।

विवाद बढ़ने के बाद सपा उम्मीदवार मतगणना केंद्र से बाहर निकल गए।

मतगणना के बहिष्कार से बढ़ा तनाव

मतगणना को लेकर विवाद बढ़ने के बाद दोनों उम्मीदवारों ने प्रक्रिया का विरोध किया। शुरुआती खबरों में निर्दलीय राजीव यादव और सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी द्वारा मतगणना का बहिष्कार किए जाने की जानकारी सामने आई।

हालांकि, बाद की रिपोर्ट के अनुसार राजीव यादव ने स्पष्ट किया कि उनके प्रतिनिधि मतगणना केंद्र के अंदर मौजूद हैं और वह पूरी प्रक्रिया का औपचारिक बहिष्कार नहीं कर रहे हैं।

विवाद के दौरान अधिकारियों ने उम्मीदवारों को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे और मतगणना केंद्र पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतगणना निर्धारित नियमों के अनुसार कराई जा रही है।

चौथे राउंड में भाजपा प्रत्याशी को 466 वोटों की बढ़त

चौथे राउंड की प्रथम वरीयता मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 11,881 वोट मिले। वहीं, निर्दलीय राजीव यादव को 11,415 मत प्राप्त हुए। समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी 8,301 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने राजीव यादव पर 466 मतों की बढ़त बना ली। हालांकि, प्रथम वरीयता की गणना में बढ़त हासिल करना अंतिम जीत की घोषणा नहीं है।

शिक्षक एमएलसी चुनाव में वरीयता आधारित मतदान प्रणाली लागू होती है। यदि पहली वरीयता के मतों से कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा हासिल नहीं करता है तो आगे की वरीयताओं के मतों की गिनती की जाती है।

इसलिए अंतिम आधिकारिक परिणाम घोषित होने तक मुकाबला खुला रहता है।

14 टेबलों पर हुई मतगणना, 16 प्रत्याशी मैदान में

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना के लिए विश्वविद्यालय परिसर में 14 टेबल लगाई गई थीं। प्रत्येक टेबल पर मतपत्रों की छंटाई और गिनती की व्यवस्था की गई थी।

चुनाव मैदान में कुल 16 प्रत्याशी थे। भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला।

शुरुआती दो राउंड की मतगणना में 1,763 मत अवैध पाए गए थे। चुनावी मुकाबला बेहद करीबी होने के कारण प्रत्येक चरण के परिणाम पर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की नजर बनी हुई थी।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई हलचल

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र होने के कारण यहां के विधान परिषद चुनाव पर राजनीतिक दलों की विशेष नजर है। भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल मानी जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।

मतगणना में धांधली के आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्षी उम्मीदवारों ने मतगणना के प्रत्येक चरण का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और अंतिम आधिकारिक चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। आरोपों की जांच तथा मतगणना रिकॉर्ड के सत्यापन से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उम्मीदवारों की आपत्तियों में कितनी सच्चाई है।

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