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UP शिक्षक भर्ती: डीएलएड अभ्यर्थियों का धरना, आयोग दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन

Prayagraj.प्रयागराज। प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों डीएलएड प्रशिक्षित युवाओं का धैर्य अब जवाब दे गया है। सात साल से नई भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने बुधवार से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने साफ कह दिया है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पर ठोस निर्णय नहीं हो जाता, वे धरना स्थल से नहीं उठेंगे। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पदों पर आखिरी भर्ती वर्ष 2018 में हुई थी, जिसमें 69 हजार पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। तब से अब तक कोई नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जबकि इस बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन को दो साल से अधिक का समय बीत चुका है।
आयोग को अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग से रिक्त पदों का अधियाचन नहीं मिला है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ समय पहले सरकार ने एक्स पर 1.26 लाख रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन उस पोस्ट को चंद घंटों में ही हटा दिया गया। इससे छात्रों में असमंजस और अविश्वास गहरा गया है। हर साल औसतन 2.35 लाख छात्र डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। पिछले सात सालों में करीब 16 लाख प्रशिक्षु बेरोजगार हैं और शिक्षक बनने की उम्मीद खो रहे हैं। बुधवार सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के सामने जमा हो गए और धरने पर बैठ गए।
शाम को आयोग के उप सचिव शिवजी मालवीय धरना स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से बात की। उन्होंने कहा कि आयोग नई भर्ती को लेकर गंभीर है, लेकिन बिना अधियाचन के वह नियुक्ति जारी नहीं कर सकता। उन्होंने 15 दिन का समय मांगते हुए कहा, विभाग को दोबारा पत्र लिखकर रिक्तियों का ब्योरा मांगा जाएगा। हालांकि वार्ता में शामिल डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह और महासचिव सनीश तोमर ने साफ तौर पर मांग की कि उन्हें लिखित आश्वासन चाहिए। धरने की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष कीर्ति पांडेय ने तत्काल बैठक बुलाई और अधिकारियों को जल्द अधियाचन के संबंध में दोबारा पहल करने के निर्देश दिए।





