उत्तर प्रदेश

UP : गन्ने के खेत में मिला संदिग्ध मानव कंकाल, इलाके में फैली सनसनी

Kavita2
15 July 2026 2:22 PM IST
UP : गन्ने के खेत में मिला संदिग्ध मानव कंकाल, इलाके में फैली सनसनी
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देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गन्ने के खेत से संदिग्ध मानव कंकाल मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना बनकटा थाना क्षेत्र के सुंदरपार मिस्रौली गांव की है, जहां खेत में काम कर रहे ग्रामीणों की नजर अचानक मानव कंकाल जैसे अवशेषों पर पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कंकाल के अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य एकत्र कर नमूने लिए। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम सुंदरपार मिस्रौली गांव के कुछ ग्रामीण गन्ने के खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत के एक हिस्से में उन्हें हड्डियों जैसा कुछ दिखाई दिया। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो वह मानव कंकाल के अवशेष प्रतीत हुए। यह जानकारी मिलते ही गांव में खबर तेजी से फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बनकटा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान कंकाल के अवशेषों को सावधानीपूर्वक अपने कब्जे में लिया और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी भी ली, ताकि अन्य कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सके।

घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से विभिन्न नमूने तथा अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए। इन नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि अवशेष कितने पुराने हैं और उनकी पहचान किस प्रकार की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिले अवशेष किसी पुरुष के हैं या महिला के। इसी प्रकार यह भी तय नहीं हो सका है कि मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। इन सभी सवालों के जवाब फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाए तथा आसपास के क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जाए, ताकि कंकाल की पहचान करने में सहायता मिल सके।

गांव के लोगों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण इसे किसी पुराने अपराध से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि कंकाल काफी समय से खेत में पड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की अपील की है।

पुलिस अब आसपास के गांवों और थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। इसके अलावा यदि आवश्यक हुआ तो कंकाल की डीएनए जांच भी कराई जा सकती है, ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों की मदद से मामले की सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध मानव कंकाल की बरामदगी के मामले में वैज्ञानिक जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। डीएनए परीक्षण, हड्डियों की आयु का विश्लेषण और अन्य फोरेंसिक जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि अवशेष कितने पुराने हैं और व्यक्ति की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई होगी।

फिलहाल पुलिस ने अज्ञात मानव अवशेष मिलने के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंकाल को परीक्षण के लिए भेजा गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस घटना के बाद सुंदरपार मिस्रौली गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच दहशत और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी और यह पता लगाएगी कि खेत में मिला मानव कंकाल किसका है तथा उसके वहां पहुंचने के पीछे क्या कारण रहे। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रही है।

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