उत्तर प्रदेश

UP : आंधी-बारिश का कहर, 56 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी नुकसान

Kavita2
14 May 2026 10:26 AM IST
UP : आंधी-बारिश का कहर, 56 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी नुकसान
x

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को आए तेज़ तूफ़ान और भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। अचानक बदले मौसम के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, घरों को नुकसान पहुंचा और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 56 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री और सहायता पहुंचाई जाए।

अलग-अलग जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान प्रयागराज और भदोही में हुआ है। प्रयागराज में 17 लोगों की मौत हुई, जबकि भदोही में 16 लोगों की जान गई। इसके अलावा फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र जिले में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।

प्रयागराज जिला प्रशासन द्वारा जारी विस्तृत सूची के मुताबिक, जिले के कई क्षेत्रों में तूफ़ान का असर अलग-अलग स्तर पर देखने को मिला। हंडिया इलाके में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन, मेजा में दो और सदर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्रशासन के अनुसार कई जगहों पर मकानों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने से गंभीर नुकसान हुआ है।

तेज़ हवाओं और लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है। सड़क मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बहाल करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन जारी है और मृतकों की संख्या में बदलाव संभव है।

सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही, बिजली गिरने और तूफ़ान से बचाव को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

इस घटना ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की चुनौती को उजागर कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Next Story