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UP : मैट्रिमोनियल साइट से साइबर ठगी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: आगरा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। आरोपी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, लेकिन नौकरी करने के बजाय उसने साइबर ठगी का रास्ता चुन लिया। पुलिस के अनुसार, वह मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों से संपर्क करता था और उन्हें क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस ने आरोपी को आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसके खिलाफ हैदराबाद में भी साइबर ठगी का मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है।
मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए बनाता था भरोसा
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी सबसे पहले विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर अपनी आकर्षक और फर्जी प्रोफाइल तैयार करता था। प्रोफाइल में वह खुद को एक सफल और उच्च वेतन पाने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता था। प्रोफाइल देखने के बाद विवाह की इच्छुक युवतियां उससे संपर्क करती थीं।
कुछ समय तक सामान्य बातचीत और विश्वास कायम करने के बाद आरोपी उन्हें निवेश के नए अवसरों के बारे में बताता था। वह दावा करता था कि क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिए कम समय में भारी मुनाफा कमाया जा सकता है।
क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवतियों को ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में वह उन्हें नकली मुनाफा दिखाकर विश्वास दिलाता था कि निवेश सुरक्षित है।
जब पीड़ित अधिक रकम निवेश कर देती थीं, तब आरोपी विभिन्न बहानों से और पैसे जमा कराने के लिए कहता था। बाद में संपर्क बंद कर देता था या फिर पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगता था। इस तरह वह लोगों से बड़ी रकम ठग लेता था।
सात राज्यों से जुड़े मिले मामले
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई राज्यों की युवतियों को अपना निशाना बनाया था। प्रारंभिक जांच में दिल्ली, पंजाब और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों की कम से कम सात युवतियों से ठगी के तार आगरा से जुड़े मिले हैं।
इन शिकायतों के आधार पर साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हैदराबाद में भी दर्ज है मामला
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी साइबर ठगी का मामला पहले से दर्ज है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
अब पुलिस उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप, ईमेल आईडी और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। साइबर विशेषज्ञ इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम करता था या किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा था।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल वेबसाइट, सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिले अंजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करें। विशेष रूप से यदि कोई व्यक्ति निवेश, क्रिप्टो ट्रेडिंग या जल्दी मुनाफा कमाने का लालच दे, तो उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें।
पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें। ऑनलाइन निवेश हमेशा केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें।
जांच जारी
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में साइबर ठगी के नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और देशभर में हुई कई वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





