उत्तर प्रदेश

UP : ईंधन बचत की दिशा में बदलाव, अधिकारियों ने घटाए सरकारी वाहनों के उपयोग

Kavita2
16 May 2026 2:31 PM IST
UP : ईंधन बचत की दिशा में बदलाव, अधिकारियों ने घटाए सरकारी वाहनों के उपयोग
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सरकारी तंत्र में अधिकारी अब ईंधन की खपत कम करने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं, जिसमें वाहन साझा करना और काफिले में वाहनों की संख्या कम करना शामिल है।

जानकारी के अनुसार, कई विभागों के अधिकारी अब एक ही वाहन से कार्यालय और कार्यक्रमों में जाने लगे हैं, जिससे अतिरिक्त वाहनों की जरूरत कम हो रही है। इसके अलावा, कुछ अधिकारियों ने अपने आधिकारिक काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी घटा दी है।

एक अनुमान के मुताबिक, केवल अधिकारियों के वाहनों पर ही हर महीने लगभग 20 लाख रुपये का ईंधन खर्च होता है। यह आंकड़ा पुलिस विभाग के वाहनों को शामिल किए बिना बताया गया है। ऐसे में ईंधन खपत में कटौती को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि बैठकों और निरीक्षण दौरों के दौरान एक साथ यात्रा करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे अलग-अलग वाहनों की आवश्यकता कम हो रही है। इससे न केवल ईंधन की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी खर्च में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत बेहद जरूरी हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार वैकल्पिक उपायों और जागरूकता अभियानों पर जोर दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी उपयोगी है। वाहनों की संख्या कम होने से ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।

फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर ईंधन बचत के इस मॉडल को आगे और व्यापक रूप से लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

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