उत्तर प्रदेश

बाजरा-ज्वार-मक्का खरीद में यूपी ने बनाया रिकॉर्ड

Saba Naaz
16 July 2026 8:56 PM IST
बाजरा-ज्वार-मक्का खरीद में यूपी ने बनाया रिकॉर्ड
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उत्तर प्रदेश: किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए योगी सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद नीति ने पिछले नौ वर्षों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का दावा है कि पारदर्शी खरीद व्यवस्था, डिजिटल प्रक्रिया और समय पर भुगतान के कारण किसानों का भरोसा सरकारी खरीद प्रणाली पर लगातार मजबूत हुआ है। धान के साथ-साथ बाजरा, ज्वार और मक्का जैसी फसलों की खरीद में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्रदेश में धान खरीद के क्षेत्र में सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक बड़ी संख्या में किसानों से एमएसपी पर धान की खरीद की गई। इस अवधि में 80,39,539 किसानों से धान खरीदा गया और उनके बैंक खातों में 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई। इससे किसानों को बिचौलियों से राहत मिली और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सका।

योगी सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं। किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई, खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि की गई और डिजिटल सत्यापन प्रणाली को लागू किया गया। इसके अलावा भुगतान की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया, जिससे किसानों को समय पर पैसा मिल सके।

सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। किसान अब घर बैठे पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी फसल बेचने के लिए निर्धारित केंद्रों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

धान के अलावा योगी सरकार ने मोटे अनाजों की खरीद पर भी विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने बाजरा, ज्वार और मक्का जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए एमएसपी पर खरीद व्यवस्था को मजबूत किया है। वर्ष 2022-23 से प्रदेश में पहली बार बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में किसानों को इसका लाभ मिला।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 तक 1,48,718 किसानों से 7,13,759.88 मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया और किसानों को करीब 1,854 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इससे उन किसानों को भी बाजार में बेहतर अवसर मिला, जो पहले अपनी फसल को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होते थे।

मक्का और ज्वार की खरीद को भी बढ़ावा दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को केवल गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि कम पानी में तैयार होने वाली और पोषण के लिहाज से महत्वपूर्ण फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।

प्रदेश सरकार का कहना है कि एमएसपी व्यवस्था को मजबूत करने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। समय पर भुगतान और पारदर्शी खरीद प्रणाली के कारण किसान अब सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मोटे अनाजों की सरकारी खरीद बढ़ने से किसानों को दोहरा लाभ मिल सकता है। एक तरफ उन्हें फसल का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बाजरा, ज्वार और मक्का जैसी फसलों को बढ़ावा मिलने से कृषि विविधीकरण को भी गति मिलेगी।

योगी सरकार की एमएसपी नीति का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार में मजबूती देना और उनकी मेहनत का सही मूल्य उपलब्ध कराना है। रिकॉर्ड खरीद और करोड़ों रुपये के भुगतान के आंकड़े सरकार की इस नीति की सफलता के रूप में पेश किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी सरकार का फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा।

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