उत्तर प्रदेश

UP राज्यसभा चुनाव: BJP ने 8 उम्मीदवारों के नाम किए घोषित

Kavita2
5 Oct 2026 3:29 PM IST
UP राज्यसभा चुनाव: BJP ने 8 उम्मीदवारों के नाम किए घोषित
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने आठ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार समेत आठ नेताओं को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। घोषित नामों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इन सीटों में फिलहाल आठ भाजपा के पास हैं, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है। चुनावी गणित के लिहाज से भाजपा आठ सीटें जीतने की स्थिति में बताई जा रही है। ऐसे में पार्टी ने अपनी संभावित आठ सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

आठ नामों पर लगी मुहर

भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी इस सूची ने राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे संभावित नामों के कयासों पर विराम लगा दिया है।

भाजपा में पिछले दिनों राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन चल रहा था। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की थी और अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा गया था। चर्चा में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखने की बात सामने आई थी।

प्रियंका सिंह रावत की वापसी

भाजपा की सूची में सबसे चर्चित नामों में बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत का नाम शामिल है। वह इससे पहले लोकसभा में बाराबंकी का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।

प्रियंका सिंह रावत का नाम ऐसे समय सामने आया है, जब भाजपा आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी जुटी हुई है। राज्यसभा चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी को पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी का अंतिम परिणाम 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के बाद ही स्पष्ट होगा।

श्रुति गंगवार को भी मौका

बरेली से श्रुति गंगवार को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। उनके नाम के जरिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखने का संकेत दिया है।

पार्टी की ओर से जारी आठ नामों की सूची में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि उम्मीदवारों के चयन में केवल वरिष्ठता ही नहीं, बल्कि संगठन और क्षेत्रीय समीकरणों को भी महत्व दिया गया है। हालांकि, पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के पीछे विस्तृत कारण सार्वजनिक तौर पर नहीं बताए हैं।

2027 से पहले अहम चुनाव

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले सितंबर के अंत में विधानसभा चुनाव के संभावित समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा की कोर कमेटी ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा की थी।

राज्यसभा चुनाव का गणित विधानसभा में दलों की संख्या पर आधारित होता है। भाजपा के पास फिलहाल इतनी संख्या है कि वह आठ सीटों पर जीत की स्थिति में है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के पास दो सीटें जीतने की पर्याप्त संख्या बताई जा रही है। हालांकि हाल के दिनों में तीसरी सीट के लिए भी सपा की कोशिश और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने मुकाबले को अधिक राजनीतिक बना दिया है।

नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा।

भाजपा की सूची जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पर ध्यान रहेगा। सभी उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर नामांकन दाखिल करना होगा। नामांकन की जांच पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ होगी।

आठ सीटों पर भाजपा की नजर

उत्तर प्रदेश की कुल 10 राज्यसभा सीटों में से आठ पर भाजपा का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी ने आठ उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस चुनाव में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के बावजूद पिछले कुछ दिनों से संभावित क्रॉस वोटिंग और दसवीं सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। समाजवादी पार्टी पहले ही राम गोपाल यादव और धानराज पारिमल नथवाणी को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इसके बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सपा ने बाद में तीसरा उम्मीदवार उतारने की संभावना भी जताई है, जिससे चुनावी समीकरण में अतिरिक्त मुकाबले की स्थिति पैदा हो सकती है।

पार्टी में चल रही थी लंबी कवायद

भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा से पहले कई स्तरों पर विचार-विमर्श किया। प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में संभावित नामों पर चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई थी। उस समय करीब 20 संभावित नामों पर विचार किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

अंततः केंद्रीय नेतृत्व ने आठ नामों को मंजूरी दी। सूची में अनुभवी नेताओं के साथ अपेक्षाकृत नए चेहरों को भी जगह दी गई है। प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के नाम पर विशेष ध्यान जा रहा है।

अब नामांकन और चुनाव पर नजर

भाजपा ने अपनी आठ सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। अब इन उम्मीदवारों के नामांकन और चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर रहेगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन और 7 अक्टूबर को जांच के बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी राजनीतिक दलों के एजेंडे में हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से जारी आठ उम्मीदवारों की सूची को आगामी चुनावी रणनीति के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही सामने आएगी।

फिलहाल भाजपा ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाकर चुनावी प्रक्रिया में अपना अगला कदम स्पष्ट कर दिया है।

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