उत्तर प्रदेश

UP : ग्राम पंचायतों में फेसियल रिकग्निशन से ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू

Kavita2
3 July 2026 5:50 PM IST
UP : ग्राम पंचायतों में फेसियल रिकग्निशन से ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: ग्राम पंचायतों में तैनात समस्त कार्मिकों की उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने फेशियल रिकग्निशन आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पंचायत कर्मी अपनी उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे, जिससे कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

पंचायती राज विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब पंचायत कर्मी पंचायत सचिवालयों में स्थापित आधिकारिक डेस्कटॉप कंप्यूटर के वेबकैम के माध्यम से भी अपनी हाजिरी दर्ज करा सकते हैं। यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है या जिन्हें मोबाइल आधारित उपस्थिति दर्ज कराने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह द्वारा इस संबंध में पत्र जारी किया गया है, जिसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने सभी सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों के बाद अब पूरे राज्य में इस प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि पहले से चल रही मोबाइल आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के साथ-साथ यह नई व्यवस्था एक वैकल्पिक माध्यम के रूप में उपलब्ध होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति तकनीकी कारणों से प्रभावित न हो।

नई व्यवस्था के तहत पंचायत सचिवालयों में लगाए गए जियोफेंस्ड डेस्कटॉप सिस्टम के वेबकैम से कर्मचारी अपना चेहरा स्कैन कर दैनिक उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह प्रणाली फेशियल रिकग्निशन तकनीक पर आधारित है, जिससे उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया स्वचालित और अधिक सुरक्षित बन जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली से न केवल उपस्थिति में पारदर्शिता आएगी, बल्कि फर्जी हाजिरी और अनुपस्थिति जैसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी। इससे सरकारी कार्यों की निगरानी और जवाबदेही में भी सुधार होगा।

पंचायती राज विभाग का मानना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति सीधे विकास कार्यों की प्रगति से जुड़ी होती है। ऐसे में समय पर और वास्तविक उपस्थिति दर्ज होना आवश्यक है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से पंचायत सचिवालयों में तकनीकी उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण स्तर पर डिजिटल प्रणाली को अपनाने से प्रशासनिक कामकाज अधिक आधुनिक और प्रभावी बनने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, कुछ स्थानों पर तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। इसके बावजूद विभाग का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों माध्यम उपलब्ध रहने से किसी भी कर्मचारी को समस्या नहीं होगी।

स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करें और कर्मचारियों को इसके उपयोग के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान करें। साथ ही तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता तंत्र भी तैयार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फेशियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली सरकारी प्रशासन में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि कार्य संस्कृति में भी सुधार देखने को मिलेगा।

इस प्रकार, ग्राम पंचायतों में लागू की गई यह नई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन को अधिक आधुनिक, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।

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