उत्तर प्रदेश

UP News : एक तिथि एक त्योहार का नियम लागू

Uma Verma
1 April 2025 9:30 AM IST
UP News : एक तिथि एक त्योहार का नियम लागू
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यूपी | उत्तर प्रदेश में अब एक तिथि पर केवल एक ही त्योहार मनाने का नियम लागू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर काशी विद्वत परिषद ने इस नए नियम की रूपरेखा तैयार की है, जिसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह कदम धार्मिक आयोजनों की सही दिशा में संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

नियम की आवश्यकता

उत्तर प्रदेश में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन समय-समय पर होता है, जिससे कभी-कभी एक ही दिन पर कई प्रमुख त्योहार एक साथ मनाए जाते हैं। इस स्थिति में प्रशासनिक, धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था में उलझन उत्पन्न होती है। साथ ही, त्योहारों की भीड़-भाड़ के कारण सुरक्षा और व्यवस्था में परेशानी आती है। इसे ध्यान में रखते हुए, "एक तिथि एक त्योहार" के नियम को लागू किया गया है, जिससे हर त्योहार को बेहतर तरीके से मनाया जा सके।

काशी विद्वत परिषद की भूमिका

काशी विद्वत परिषद, जो धार्मिक मामलों में विशेषज्ञता रखती है, ने इस नियम की रूपरेखा तैयार की है। परिषद के सदस्यों ने इस योजना को सांस्कृतिक और धार्मिक संतुलन बनाए रखते हुए तैयार किया है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी त्योहारों को उनके धार्मिक महत्व के अनुसार उचित दिन पर मनाया जाए, और इससे धार्मिक आयोजनों में कोई भ्रम या अराजकता न हो।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नियम को लागू करने के लिए काशी विद्वत परिषद को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि, "उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की संख्या काफी अधिक है। इस नए नियम से इन आयोजनों को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा और धार्मिक वातावरण में शांति और सामूहिक सद्भावना का माहौल बनेगा।"

नियम के प्रभाव

इस नियम का प्रभाव खासकर त्योहारों के आयोजन और सुरक्षा पर पड़ेगा। एक ही दिन पर एकाधिक त्योहारों के आयोजनों से बचने के कारण प्रशासन को हर कार्यक्रम के लिए अलग-अलग सुरक्षा इंतजाम करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा, इस कदम से धार्मिक समुदायों के बीच सामूहिक उत्सव का माहौल भी बनेगा और त्योहारों का सही तरीके से पालन हो सकेगा।

भविष्य की योजनाएं

"एक तिथि एक त्योहार" के नियम के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार और काशी विद्वत परिषद इसे अन्य धार्मिक पहलुओं में भी लागू करने पर विचार करेगी। इसके माध्यम से प्रदेश में धर्म, संस्कृति और व्यवस्था का एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण स्थापित किया जाएगा।

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