उत्तर प्रदेश

Up News: जान बचाना था मुश्किल, एम्स के डॉक्टरों ने किया कमाल

Sarita
22 Jan 2025 8:49 AM IST
Up News: जान बचाना था मुश्किल, एम्स के डॉक्टरों ने किया कमाल
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Up News: 26 साल के एक युवक की आंख के नीचे रिवॉल्वर की गोली फंस गई थी। उसकी जान बचाना मुश्किल था। तब एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों ने कमाल कर दिखाया। एम्स के डेंटल विभाग के डॉक्टरों ने न सिर्फ मरीज की आंख के नीचे फंसी रिवॉल्वर की गोली निकालकर उसकी जान बचाई बल्कि उसके क्षत-विक्षत चेहरे को भी ठीक कर दिया। इस चमत्कार से मरीज को एक तरह से नई जिंदगी मिल गई है। एम्स के मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. शैलेश और उनकी टीम ने मंगलवार को यह सर्जरी की। अब मरीज की हालत खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है कि एम्स में इस तरह की यह पहली सर्जरी है। डॉक्टरों ने कहा कि अगर समय पर सर्जरी नहीं की जाती तो मरीज की जान भी जा सकती थी।
बिहार के गोपालगंज के रहने वाले 26 साल के युवक के चेहरे पर गोली लग गई। यह गोली आंख के नीचे फंसी थी। गोली लगने से युवक का जबड़ा टूट गया था। परिजन उसे गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बीआरडी से भी डॉक्टरों ने उसे एम्स रेफर कर दिया। एम्स इमरजेंसी पहुंचने पर जब डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया तो पता चला कि सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है।
ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. शैलेश कुमार ने सर्जरी करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने दो घंटे तक चली सर्जरी में चेहरे में फंसी गोली निकाली और क्षत-विक्षत चेहरे को दुरुस्त किया। सर्जरी करने वाली टीम में दंत रोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रवीण सिंह, जूनियर रेजिडेंट डॉ. अंकुर पांडेय, डॉ. दिव्या पाठक, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संतोष कुमार शर्मा, डॉ. प्रियंका द्विवेदी मौजूद रहे। उधर, एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह ने सफल सर्जरी पर टीम को बधाई दी और मरीज के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। डॉ. शैलेश ने बताया कि ऐसे केस में गोली का पता लगाना मुश्किल होता है।
क्योंकि, जिस जगह गोली लगी है, उसकी एमआरआई नहीं हो पाती। एमआरआई करने पर गोली इधर-उधर जा सकती है और मरीज की मौत हो सकती है। ऐसे में एक्सरे कराया गया। लेकिन, एक्सरे में गोली कहां थी और शरीर के किस हिस्से के पीछे छिपी थी। इसका भी बमुश्किल पता चल पाया। फिर भी किसी तरह एक्स-रे के बाद सर्जरी की गई। बताया गया कि अगर समय पर सर्जरी नहीं होती तो मरीज की जान भी जा सकती थी।
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