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UP : नकली इंस्टाग्राम अकाउंट से पति को फंसाने का मामला, गिरफ्तारी के बाद जांच जारी

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति को फंसाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। यह मामला शादी के बाद के विवाद और रिश्तों में बढ़ते तनाव के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को भी उजागर करता है।
जानकारी के अनुसार, महिला सोनी त्रिपाठी पिछले चार साल से अपने ससुराल से अलग होकर नवाबगंज थाना क्षेत्र के जगपुरा गांव में अपने मायके में रह रही थी। ससुराल पक्ष से अलगाव और घरेलू विवाद के चलते दोनों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बताए जा रहे थे।
इसी बीच, सोनी त्रिपाठी ने कथित तौर पर एक नकली इंस्टाग्राम प्रोफाइल तैयार किया और उसके जरिए अपने पति से संपर्क स्थापित किया। इस फर्जी अकाउंट के माध्यम से उसने अपने पति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिससे धीरे-धीरे दोनों के बीच चैटिंग शुरू हो गई। बातचीत के दौरान वह व्यक्ति महिला की असली पहचान से अनजान रहा और दोनों के बीच संवाद बढ़ता गया।
रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान आरोपी पति, जिसकी पहचान प्रतापगढ़ जिले के कालाकांकर निवासी प्रभुदत्त त्रिपाठी के रूप में हुई है, ने कथित तौर पर इस फर्जी प्रोफाइल से भावनात्मक जुड़ाव बना लिया और यहां तक कि शादी के लिए भी सहमति जता दी।
इसी योजना के तहत महिला ने उसे मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही वह तय स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद पुलिस और संबंधित पक्षों ने उसे पकड़ लिया। उस पर मारपीट और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि पूरा मामला एक सुनियोजित योजना का हिस्सा हो सकता है, जिसमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके व्यक्ति को फंसाने की रणनीति अपनाई गई। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस घटना ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन पहचान की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती अनामिता (anonymity) कई बार गंभीर कानूनी और सामाजिक समस्याएं पैदा कर सकती है।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट की गतिविधियों, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण शामिल है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि में जुटी हुई है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल का एक गंभीर उदाहरण मान रहे हैं।





