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उत्तर प्रदेश
किशोरियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर यूपी सरकार की नई पहल
Ratna Netam
1 Sept 2026 8:52 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत प्रदेश की करीब **10 लाख किशोरियों** तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के सभी **75 जिलों** में इस कार्यक्रम को लागू करने की योजना बनाई गई है। अभियान का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना, पोषण की स्थिति सुधारना और उन्हें जरूरी सुविधाओं से जोड़ना है।
सरकार का मानना है कि किशोरावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इस उम्र में सही पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता मिलने से लड़कियों के शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर यह अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
सभी जिलों में तैयार होगा अभियान का ढांचा
राज्य सरकार ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में अधिकारियों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाया जाएगा।
अभियान के दौरान किशोरियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच और जरूरी सलाह उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगा फोकस
इस अभियान में किशोरियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें खून की कमी यानी एनीमिया, पोषण की स्थिति, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
किशोरियों को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता और परामर्श से भी जोड़ा जाएगा।
स्कूल और समुदाय स्तर पर पहुंच बनाने की तैयारी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से किशोरियों तक पहुंच बनाने की योजना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली किशोरियों को योजनाओं का लाभ दिलाना इस अभियान का अहम हिस्सा होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
किशोरियों को मिलेगी योजनाओं की जानकारी
सरकार की ओर से संचालित कई योजनाएं किशोरियों और महिलाओं के लिए चलाई जा रही हैं। इस अभियान के माध्यम से पात्र किशोरियों को इन योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक हो सकें।
एनीमिया जैसी समस्याओं पर रोक लगाने की कोशिश
किशोरियों में एनीमिया एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या मानी जाती है। शरीर में आयरन की कमी के कारण कमजोरी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
अभियान के तहत एनीमिया की पहचान, बचाव और खान-पान से जुड़ी जानकारी देने पर विशेष जोर रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरियों का स्वास्थ्य बेहतर होने से भविष्य में मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी कम किया जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम
सरकार का कहना है कि किशोरियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और जागरूकता भी जरूरी है। स्वस्थ और शिक्षित किशोरियां ही आगे चलकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इस अभियान को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों को दिए जाएंगे दिशा-निर्देश
अभियान की सफलता के लिए जिला अधिकारियों को लक्ष्य तय करने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभियान का लाभ ज्यादा से ज्यादा किशोरियों तक पहुंचे।
सरकार की कोशिश है कि किसी भी जिले में किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी जानकारी से वंचित न रहना पड़े।
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