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गोंडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, पीएसी, कारागार और अन्य संबंधित विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गोंडा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले युवाओं के अनुभव, अनुशासन और प्रशिक्षण का लाभ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक सेवाओं में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 2 नवंबर को गोंडा जिले के गौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लगभग 520 करोड़ रुपये की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और युवा मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। इसी दौरान उन्होंने अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण और सीधी भर्ती के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।
चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत चार वर्षों तक सैन्य सेवा देने वाले युवाओं को भविष्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि सेना से लौटने वाले अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी यानी पीएसी और अन्य विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।अग्निवीरों को सेना में आधुनिक प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। ऐसे प्रशिक्षित युवाओं की सेवाओं का उपयोग राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा संबंधी विभागों में किया जा सकता है। इससे एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी अनुभवी और प्रशिक्षित कर्मचारी मिल सकेंगे।
पुलिस और पीएसी की भर्ती में मिलेगा आरक्षण
उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण के प्रावधानों पर पहले से काम कर रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने पुलिस तथा पीएसी से संबंधित सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दी थी।इसके अलावा कारागार विभाग में जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती के लिए भी 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की विशेष छूट का प्रावधान भी किया गया है।क्षैतिज आरक्षण का अर्थ है कि निर्धारित आरक्षित हिस्सेदारी को विभिन्न सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू किया जाता है। इससे पात्र पूर्व अग्निवीरों को संबंधित भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सकेगा।
सीधी भर्ती का भी मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीधी भर्ती के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सैन्य सेवा से लौटने वाले युवाओं को अपने अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ सरकारी नौकरियों में मिल सके।हालांकि, सीधी भर्ती और बिना परीक्षा नियुक्ति दो अलग प्रक्रियाएं हैं। किस पद पर लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण या अन्य चयन प्रक्रिया से छूट मिलेगी, यह संबंधित विभाग के अधिसूचित भर्ती नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में पात्रता और चयन संबंधी शर्तों की जानकारी देखनी होगी।मुख्यमंत्री की घोषणा से उन युवाओं को नई उम्मीद मिली है, जो अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए हैं और चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अपने करियर को लेकर योजनाएं बना रहे हैं।
क्या है अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। योजना के मूल प्रावधानों के अनुसार, अग्निवीरों का प्रारंभिक सेवाकाल चार वर्ष निर्धारित किया गया था।सैन्य सेवा के दौरान युवाओं को आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। प्रारंभिक योजना में प्रत्येक बैच के एक हिस्से को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने और शेष युवाओं को सेवा समाप्ति के बाद अन्य रोजगार अवसर तलाशने का प्रावधान किया गया था।इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और अन्य सेवाओं में आरक्षण देने के निर्णय लिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का कदम भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
युवाओं के रोजगार पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर
गोंडा में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उनकी सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।उन्होंने युवाओं से मेहनत और लगन के साथ अपने भविष्य की तैयारी करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
खिलाड़ियों को भी सरकारी नौकरी देने की बात
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों के साथ-साथ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और पदकों के आधार पर सरकारी सेवाओं में नियुक्ति देने की नीति का उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की है। सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।
गोंडा को मिली 520 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा दौरे के दौरान लगभग 520 करोड़ रुपये की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के विकास योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा और दावा किया कि वर्तमान सरकार में कानून-व्यवस्था और विकास की स्थिति में सुधार हुआ है।
अग्निवीरों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण फैसला
विशेषज्ञों के अनुसार, सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को राज्य की सुरक्षा सेवाओं में अवसर मिलने से उनके कौशल का बेहतर उपयोग हो सकता है। अग्निवीरों के पास शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने का अनुभव होता है।उत्तर प्रदेश सरकार के आरक्षण संबंधी प्रावधानों से पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित विभागों में रिक्त पदों, भर्ती अधिसूचनाओं और चयन नियमों के अनुसार ही मिल सकेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोंडा में की गई घोषणा ने एक बार फिर अग्निवीरों के रोजगार और भविष्य की सुरक्षा के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब युवाओं की नजर विभिन्न विभागों में जारी होने वाली भर्ती अधिसूचनाओं और आरक्षण संबंधी नियमों पर रहेगी।
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