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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री Ravindra Jaiswal ने प्रदेश के 10 जनपदों में निबंधन कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम एनआईसी कार्यालय से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
इस परियोजना के तहत कुल 23.98 करोड़ रुपये की लागत से नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निबंधन कार्यों को अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और पारदर्शी बनाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस योजना के अंतर्गत लखनऊ के मोहनलालगंज, कुशीनगर के कप्तानगंज और अमरोहा के हसनपुर में उप निबंधन कार्यालयों के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों के बनने से संबंधित क्षेत्रों में पंजीयन कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त सीतापुर में उप महानिरीक्षक एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन के कार्यालय एवं न्यायालय के नए भवन के निर्माण कार्य की भी शुरुआत की गई है। यह भवन प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन में सहायक होगा।
साथ ही झांसी, मुरादाबाद, गोंडा और हरदोई जिलों के सदर निबंधन कार्यालयों के नए भवनों का भी शिलान्यास किया गया है। इन जिलों में वर्तमान में मौजूद पुरानी संरचनाओं की जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बनाए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजीयन व्यवस्था को डिजिटल और सुविधाजनक बनाना है, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नए भवनों के निर्माण से कार्यक्षमता में सुधार होगा और सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार, इन भवनों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा और डिजिटल रिकॉर्डिंग तथा ऑनलाइन सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इससे दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ भवन निर्माण नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाना भी है। नए भवनों में पर्याप्त स्थान, बेहतर सुविधाएं और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
इस पहल को राज्य में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी सरल और तेज सेवाएं प्राप्त होंगी।
स्थानीय स्तर पर भी इस निर्णय का स्वागत किया गया है। लोगों का मानना है कि नए भवनों के बनने से पंजीयन कार्यालयों में भीड़ कम होगी और कामकाज अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
फिलहाल सरकार का फोकस सभी जिलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, ताकि सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।





