उत्तर प्रदेश

UP फ्लड अलर्ट गंगा उफान पर कई गांवों में बढ़ी चिंता

Ratna Netam
22 Aug 2026 9:54 PM IST
UP  फ्लड अलर्ट गंगा उफान पर कई गांवों में बढ़ी चिंता
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बिजनौर/हापुड़/बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। **बिजनौर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जबकि बुलंदशहर में गंगा नदी के उफान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।** गंगा किनारे बसे गांवों में पानी घुसने लगा है और किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
बिजनौर में बढ़ा बाढ़ का खतरा
बिजनौर जिले में गंगा और दूसरी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने लगी है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
बुलंदशहर में गंगा का कहर
बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा किनारे बसे गांवों में पानी फैलने से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं।
कई इलाकों में सैकड़ों बीघा जमीन पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि मेहनत से तैयार की गई फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
गन्ना, धान और अन्य फसलों पर बाढ़ के पानी का असर पड़ रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर रास्तों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो कई गांवों में स्थिति गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से राहत और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, नाव और बचाव दलों की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी गई है। लोगों को अफवाहों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
किसानों को नुकसान की चिंता
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से परेशान हैं, ऐसे में बाढ़ ने नई चिंता खड़ी कर दी है। उन्होंने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
गंगा किनारे बढ़ती चुनौती
गंगा नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित होते हैं।
ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन को पहले से तैयारी करनी पड़ती है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल का नुकसान कम किया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर
बारिश के लगातार बने रहने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण प्रशासन मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रख रहा है।
यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रहती है तो कुछ और इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
राहत और बचाव की तैयारी
प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ जैसी एजेंसियों को भी जरूरत के अनुसार तैनात किया जा सकता है।
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