उत्तर प्रदेश

UP : बिजली संकट को लेकर कर्मचारी और उपभोक्ता संगठनों की मांग

Kavita2
27 May 2026 11:14 AM IST
UP : बिजली संकट को लेकर कर्मचारी और उपभोक्ता संगठनों की मांग
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को लेकर विद्युत कर्मचारी और उपभोक्ता संगठनों ने चिंता जताई है। संगठनों ने मांग की है कि सेवा से हटाए गए संविदा कर्मियों को तत्काल बहाल किया जाए, ताकि बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।

संगठनों का कहना है कि वर्तमान बिजली संकट का मुख्य कारण समय पर फाल्ट (तकनीकी खराबी) का ठीक नहीं होना है। कई स्थानों पर शिकायतों के बावजूद फाल्ट सुधार में देरी हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत कर्मचारी संगठनों ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से यह भी मांग की है कि सभी विद्युत उपकेंद्रों (सब स्टेशनों) पर फाल्ट और अन्य तकनीकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक-एक अतिरिक्त गैंग की तैनाती की जाए। उनका कहना है कि पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।

संगठनों के अनुसार, संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद फील्ड स्तर पर काम का दबाव बढ़ गया है, जिससे समय पर फॉल्ट सुधार नहीं हो पा रहा है। इससे न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।

उपभोक्ता संगठनों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है और कहा है कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में लगातार बाधा आम जनता के जीवन और कामकाज पर सीधा असर डाल रही है। विशेषकर गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और तकनीकी टीम की उपलब्धता जरूरी है।

इस बीच पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की ओर से अब तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच इस मुद्दे पर जल्द कोई निर्णय लिया जा सकता है।

फिलहाल, बिजली संकट और कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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