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उत्तर प्रदेश
UP कांग्रेस की नई रणनीति इमरान प्रतापगढ़ी की टीम में बड़ा विस्तार
Ratna Netam
18 Sept 2026 7:45 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग ने एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया है। इस काउंसिल में करीब 100 लोगों को शामिल किया गया है। यह टीम अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी की रणनीति को लेकर सुझाव देने का काम करेगी।कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे इमरान प्रतापगढ़ी की टीम में इन नियुक्तियों को संगठन विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य विभाग को सक्रिय करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाना बताया जा रहा है।
एडवाइजरी काउंसिल में 100 सदस्य शामिल
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ओर से गठित एडवाइजरी काउंसिल में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को जगह दी गई है।काउंसिल के सदस्य पार्टी को विभिन्न मुद्दों पर सुझाव देंगे और संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने में सहयोग करेंगे।
इमरान प्रतापगढ़ी की टीम में बढ़ी जिम्मेदारी
इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नई टीम के गठन के बाद विभाग के कामकाज को और विस्तार देने की तैयारी की जा रही है।नई एडवाइजरी काउंसिल के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर फीडबैक जुटाने और समुदाय से जुड़े मुद्दों को समझने की कोशिश करेगी।
संगठन विस्तार पर कांग्रेस का फोकस
राजनीतिक दल चुनावी और संगठनात्मक तैयारियों के दौरान विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों को सक्रिय करते हैं। कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार बदलाव और नियुक्तियां कर रही है।अल्पसंख्यक विभाग पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो समुदाय से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।
यूपी की राजनीति में अल्पसंख्यक वोट की अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अल्पसंख्यक मतदाता कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक दल समय-समय पर इस वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान और संगठनात्मक गतिविधियां चलाते हैं।कांग्रेस की ओर से अल्पसंख्यक विभाग की टीम को मजबूत करना भी इसी राजनीतिक और संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
नई टीम के सामने क्या होगी चुनौती?
एडवाइजरी काउंसिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करना होगी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी महत्वपूर्ण होगा।टीम को स्थानीय मुद्दों की जानकारी जुटाकर पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कांग्रेस की आगे की रणनीति पर नजर
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक राज्य में संगठन को मजबूत करना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पार्टी लगातार अलग-अलग विभागों और समितियों के जरिए अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रही है।अल्पसंख्यक विभाग की नई एडवाइजरी काउंसिल अब किस तरह काम करती है और इसका संगठन पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।फिलहाल 100 सदस्यों वाली इस नई टीम के गठन के बाद कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पार्टी इसे संगठन विस्तार और जनसंपर्क मजबूत करने के कदम के रूप में देख रही है।
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