उत्तर प्रदेश

Digital एजुकेशन में यूपी बना मिसाल, अपार आईडी निर्माण में हासिल किया टॉप स्थान

Ratna Netam
18 July 2026 6:44 PM IST
Digital  एजुकेशन में यूपी बना मिसाल, अपार आईडी निर्माण में हासिल किया टॉप स्थान
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Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश ने शिक्षा के डिजिटलीकरण और तकनीक आधारित सुशासन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत शुरू की गई अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी योजना के निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों श्रेणियों में देश में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, डिजिटल और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मान रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अपार आईडी निर्माण के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश के अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में यूपी सबसे आगे है। इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने और तकनीक के अधिकतम उपयोग का परिणाम बताया जा रहा है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने 73,20,603 अपार आईडी बनाकर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में महाराष्ट्र 55,52,064 अपार आईडी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि राजस्थान 42,16,422 पंजीकरण के साथ तीसरे स्थान पर है। आंकड़ों से साफ है कि उच्च शिक्षा में यूपी ने डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में बड़ी बढ़त बनाई है।

वहीं, स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश में अब तक 2,95,90,359 अपार आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इस श्रेणी में महाराष्ट्र में 2,09,53,061 और बिहार में 1,58,86,050 अपार आईडी बनाई गई हैं। यूपी की यह उपलब्धि राज्य के विशाल छात्र आधार और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के विस्तार को दर्शाती है।

अपार आईडी को छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाण पत्रों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संरक्षित किया जा सकेगा। इससे छात्रों को भविष्य में उच्च शिक्षा, नौकरी और अन्य अवसरों के लिए दस्तावेजों के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी।

राज्य सरकार का कहना है कि अपार आईडी व्यवस्था से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा छात्रों के शैक्षणिक सफर को ट्रैक करना और उन्हें जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना आसान होगा।

प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट शिक्षा व्यवस्था के विस्तार के साथ यूपी शिक्षा क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहा है। अपार आईडी निर्माण में मिली यह सफलता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक डिजिटल बनाने के लिए नए प्रयास जारी रहेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाएं मिलें और शिक्षा व्यवस्था अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बने।

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि से राज्य की डिजिटल शिक्षा नीति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक अपार आईडी निर्माण में पहला स्थान हासिल करना प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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