- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- UP : बलिया-बस्ती पुलिस...
UP : बलिया-बस्ती पुलिस उत्पीड़न मामला, जल्द उठेगी सदन में

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया और बस्ती जिलों में कथित पुलिस उत्पीड़न के मामले को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने ऐलान किया है कि वे शुक्रवार को इन दोनों जिलों का दौरा करेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में भी जोर-शोर से उठाने जा रही है।
क्या है मामला?
बलिया और बस्ती में हाल ही में पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का कहना है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों पर बर्बरता की, जबरन गिरफ्तारियां की और कुछ मामलों में तो बिना किसी कारण के हिंसा का सहारा लिया।
बलिया में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर जबरन बल प्रयोग का आरोप है, जबकि बस्ती में एक स्थानीय विवाद में पुलिस की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस का हमला, सदन में उठेगा मुद्दा
कांग्रेस ने इन घटनाओं को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। अजय राय ने कहा कि "योगी सरकार में पुलिस बेलगाम हो गई है। आम लोगों की आवाज़ को दबाने के लिए बर्बरता की जा रही है। हम इसे सदन में उठाएंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
अजय राय का दौरा और पीड़ितों से मुलाकात
कांग्रेस नेता अजय राय शुक्रवार को बलिया और बस्ती के उन इलाकों का दौरा करेंगे जहां पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। वे पीड़ितों और उनके परिवारों से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी इस मामले की जानकारी दी जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएंगे।
सरकार की सफाई
उधर, प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी कार्रवाई की गई, वह नियमों के दायरे में थी।
राज्य सरकार का कहना है कि "कांग्रेस बिना किसी ठोस सबूत के सरकार पर आरोप लगा रही है।"
क्या होगा आगे?
कांग्रेस ने इस मुद्दे को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है। अगर सदन में इस पर चर्चा होती है, तो सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया है कि अगर सरकार इस मुद्दे पर चुप रही तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर सकते हैं।
निष्कर्ष
बलिया और बस्ती में पुलिस उत्पीड़न के कथित मामलों ने यूपी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे जनता से जोड़कर सरकार पर हमले तेज कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन इसे गलत प्रचार बता रहे हैं।
आने वाले दिनों में अजय राय के दौरे और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद हालात और ज्यादा गरम हो सकते हैं।





