उत्तर प्रदेश

UP : एक्सिस बैंक अफसरों पर ₹6.60 लाख का घाटा

Ashish verma
30 May 2025 11:02 PM IST
UP : एक्सिस बैंक अफसरों पर ₹6.60 लाख का घाटा
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6.60 लाख का घाटा

Shamli..शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक्सिस बैंक के कॉरपोरेट हेड मुंबई और शाखा प्रबंधक नोएडा पर बीमा क्लेम राशि के साथ 6.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें क्लेम राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर भी देय है। आयोग ने उपभोक्ता की मृत्यु के बाद पत्नी को बीमा क्लेम न देने पर एक्सिस बैंक पर अपना फैसला सुनाया है। यह है पूरा मामला गांव मालैंडी निवासी सुमन शर्मा ने पांच जुलाई 2022 को जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। बताया कि पति अश्वनी कुमार का बैंक में खाता था, जिसमें एटीएम कार्ड टाइटेनियम की सुविधा भी उपलब्ध थी, जिसका नियम व शर्तों के तहत उपयोग किया जाता था। चार अक्तूबर 2016 को ट्रेन में अचानक हुई लूट की घटना के दौरान विरोध करने पर पति अश्वनी कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एटीएम डेबिट कार्ड दुर्घटना बीमा पांच लाख रुपये का अश्वनी कुमार का था।

सुमन शर्मा ने बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए प्रतिवादी को अश्वनी कुमार की मृत्यु की जानकारी दी, लेकिन एटीएम डेबिट कार्ड बीमा क्लेम की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। आपत्ति जताई गई कि मृतक ने एटीएम कार्ड से निर्धारित समयावधि 90 दिन में कोई लेनदेन नहीं किया। वादी ने विपक्षी को जवाब दिया,जिसमें बैंक स्टेटमेंट 8 अप्रैल 2016 की खरीद से स्पष्ट है। वादी ने यह भी बताया कि उसका घर शाखा कार्यालय से 130 किमी दूर है, जहां से उसका कई बार आना-जाना होता है। इससे उसे आर्थिक व मानसिक पीड़ा उठानी पड़ती है। इसके बाद भी उसके क्लेम का निस्तारण नहीं किया गया। वादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 24 नवंबर 2020 को बैंक अधिकारियों को नोटिस भेजा।

इसके जवाब में 24 नवंबर 2020 को प्रतिष्ठा पत्र भेजा गया, जिसमें मृत्यु का कारण दुर्घटना नहीं माना गया और क्लेम देने से मना कर दिया गया, जबकि वादी के पति ने उसे नॉमिनी बनाया था। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सदस्य अमरजीत कौर व अभिनव अग्रवाल की मौजूदगी में यह फैसला सुनाया। 15 मई को अंतिम बहस के बाद 29 मई को यह फैसला सुनाया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि मृतक अश्वनी की दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण बीमा दावा राशि पांच लाख रुपये बीमा दावा प्रस्तुत करने के तीन माह बाद की तिथि से अंतिम भुगतान होने तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान की जाएगी। मानसिक, आर्थिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए एक लाख रुपये, वाद व्यय 10 हजार रुपये तथा 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जिसमें जुर्माना राशि वादी को देय नहीं होगी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि 45 दिन में राशि जमा नहीं कराई गई तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।


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